
देश को स्वच्छ बनाने के संकल्प के साथ केंद्र और राज्य सरकारों ने अब गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ ‘आर-पार’ की जंग छेड़ दी है, सार्वजनिक स्थानों और सड़कों पर कूड़ा फेंकना अब न केवल आपकी जेब खाली करेगा, बल्कि आपको कानूनी पचड़ों में भी फंसा सकता है, सरकार ने ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाते हुए नियमों को पहले से कहीं अधिक सख्त कर दिया है।
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स्पॉट फाइन: ₹5,000 तक का तत्काल झटका
नगर निगमों और स्थानीय निकायों ने अब ‘ऑन-द-स्पॉट’ जुर्माने की प्रक्रिया तेज कर दी है। यदि आप सड़क पर कचरा फेंकते, सार्वजनिक स्थान पर थूकते या अपने पालतू जानवरों से गंदगी करवाते पकड़े जाते हैं, तो आपको ₹500 से लेकर ₹5,000 तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है, प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अब चेतावनी का समय बीत चुका है और केवल कार्रवाई होगी।
CCTV की तीसरी आंख से होगी निगरानी
शहरों के आधुनिक ‘कमांड एंड कंट्रोल सेंटर’ अब केवल ट्रैफिक पर ही नहीं, बल्कि कचरा फेंकने वालों पर भी नजर रख रहे है, दिल्ली, मुंबई और इंदौर जैसे बड़े शहरों में हाई-टेक CCTV कैमरों के जरिए कूड़ा फेंकने वालों की पहचान की जा रही है, यदि कोई गाड़ी से कचरा फेंकता पाया जाता है, तो गाड़ी के नंबर के आधार पर सीधे घर पर चालान भेजा जा रहा है।
दर्ज हो सकती है FIR, करियर पर पड़ेगा असर
सरकार की नई तैयारी के अनुसार, आदतन गंदगी फैलाने वालों पर अब भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसी व्यक्ति पर स्वच्छता नियमों के उल्लंघन के लिए केस दर्ज होता है, तो भविष्य में उसके पुलिस वेरिफिकेशन और पासपोर्ट बनवाने जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में बड़ी बाधा आ सकती है।
संस्थानों के लाइसेंस पर भी खतरा
होटल, रेस्टोरेंट और बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों (Bulk Generators) के लिए नियम और भी कड़े हैं। यदि ये संस्थान अपने कचरे का सही निस्तारण करने के बजाय सड़कों पर डंप करते पाए जाते हैं, तो भारी जुर्माने के साथ-साथ उनका व्यावसायिक लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है।
जनता के लिए डिजिटल हथियार
प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे इस मिशन में भागीदार बनें, अगर आप कहीं भी गंदगी देखते हैं या किसी को कूड़ा फेंकते हुए पाते हैं, तो भारत सरकार के आधिकारिक Swachhata App पर उसकी फोटो अपलोड कर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
सरकार के इस कड़े रुख से साफ है कि अब स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि एक अनिवार्य अनुशासन है, सड़क पर कचरा फेंकने से पहले अब 100 बार सोचना होगा, क्योंकि प्रशासन की नजर अब हर कोने पर है।

















