
झारखंड में प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है, राज्य निर्वाचन आयोग ने आगामी पंचायत उपचुनावों की तैयारियों को देखते हुए एक कड़ा फैसला लिया है, आयोग के नए आदेश के अनुसार, चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सभी सरकारी कार्यालयों में रविवार और अन्य सार्वजनिक त्योहारों की छुट्टियाँ रद्द कर दी गई हैं।
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क्यों लिया गया यह फैसला?
राज्य निर्वाचन आयोग का कहना है कि आगामी पंचायत उपचुनावों को समय सीमा के भीतर और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए यह कदम उठाना अनिवार्य था, चुनाव से जुड़ी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं, जैसे नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) और अन्य प्रशासनिक कार्यों में कोई देरी न हो, इसलिए अधिकारियों और कर्मचारियों को निरंतर कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
इन पर लागू होगा आदेश
यह आदेश उन सभी सरकारी विभागों और कर्मचारियों पर लागू होगा जो सीधे तौर पर चुनाव प्रक्रिया की तैयारियों में शामिल हैं, आदेश के मुताबिक, जब तक चुनाव की पूरी प्रक्रिया संपन्न नहीं हो जाती, तब तक संबंधित कार्यालय रविवार और राजपत्रित अवकाश (Holidays) के दिनों में भी सामान्य दिनों की तरह खुले रहेंगे।
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प्रमुख बिंदु
- अवकाश निरस्त: रविवार और राजपत्रित त्योहारों की छुट्टियाँ अब कार्य दिवस मानी जाएंगी।
- वजह: पंचायत उपचुनावों की प्रशासनिक समय सीमा का पालन करना।
- प्रभाव: चुनाव संपन्न होने तक यह व्यवस्था लागू रहेगी।
प्रशासनिक गलियारों में इस फैसले को चुनाव की गंभीरता से जोड़कर देखा जा रहा है, अधिकारियों का मानना है कि इस कदम से चुनावी तैयारियों में तेजी आएगी और किसी भी संभावित तकनीकी या प्रशासनिक देरी से बचा जा सकेगा।

















