किसानों के लिए बड़ी खबर! 5,100 एकड़ जमीन का होगा अधिग्रहण, सरकार देगी करोड़ों का मुआवजा

पंजाब सरकार ने मोहाली और न्यू चंडीगढ़ में बड़े स्तर पर विकास की तैयारी शुरू की है। नौ नए सेक्टर और दो टाउनशिप बनाने की योजना के तहत 5100 एकड़ से ज्यादा जमीन अधिग्रहित की जाएगी, जिससे शहरी ढांचा होगा और मजबूत।

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पंजाब में शहरीकरण की रफ्तार बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है। इसके तहत मोहाली में नौ नए सेक्टर और न्यू चंडीगढ़ में दो नई टाउनशिप विकसित की जाएंगी। यह कदम राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

किसानों के लिए बड़ी खबर! 5,100 एकड़ जमीन का होगा अधिग्रहण, सरकार देगी करोड़ों का मुआवजा

5100 एकड़ भूमि का अधिग्रहण शुरू

सरकार ने इस परियोजना के लिए 5100 एकड़ से अधिक भूमि अधिग्रहित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 2013 के तहत यह अधिग्रहण किया जाएगा ताकि प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा और पुनर्वास सुविधाएं मिल सकें।

मोहाली में एयरोट्रोपोलिस का विस्तार और नए सेक्टर

मोहाली में अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के समीप विकसित हो रहे एयरोट्रोपोलिस प्रोजेक्ट का दायरा और बढ़ाया जा रहा है। इसके लिए करीब 3535 एकड़ भूमि अधिग्रहित की जाएगी। इसके अलावा सरकार ने सेक्टर 87 (वाणिज्यिक क्षेत्र), सेक्टर 101 (आंशिक क्षेत्र) और सेक्टर 103 (औद्योगिक क्षेत्र) के लिए 524 एकड़ भूमि आरक्षित की है। इन सेक्टरों के विकास से उद्योग, व्यापार और निवेश को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

न्यू चंडीगढ़ में दो नई टाउनशिप की तैयारी

राज्य सरकार न्यू चंडीगढ़ में इको सिटी-3 और मेडिसिटी क्षेत्र के पास नई टाउनशिप विकसित करने की प्रक्रिया में है। इन परियोजनाओं के लिए 1048 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है, जिसमें से 720 एकड़ इको सिटी-3 के लिए और 328 एकड़ नई टाउनशिप के लिए निर्धारित है। मुआवजे से जुड़ी प्रक्रिया लगभग पूरी होने के बाद जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है।

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पुरानी भूमि संचय नीति रद्द, अब 2013 वाला कानून लागू

पंजाब सरकार ने पहले भूमि संचय नीति (Land Pooling Policy) के तहत विकास कार्य करने की योजना बनाई थी, जिसमें किसानों को नकद राशि के बजाय विकसित भूखंड देने का प्रावधान था। हालांकि किसानों के व्यापक विरोध और न्यायालय की रोक के बाद सरकार ने उस नीति को वापस ले लिया। अब सरकार ने भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 को फिर से लागू किया है, जिसमें किसानों को बाजार दर के अनुरूप नकद मुआवजा, पुनर्वास भत्ता और विस्थापन सहायता प्रदान की जाती है।

पारदर्शी प्रक्रिया से बढ़ेगा विश्वास

नई अधिग्रहण प्रक्रिया में सामाजिक प्रभाव आकलन (Social Impact Assessment) अनिवार्य है। इसमें सार्वजनिक सुनवाई, आपत्तियों पर विचार और पारदर्शी अनुमति प्रणाली शामिल है। इससे न केवल सरकारी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि किसानों का विश्वास भी मजबूत होगा।

विकास के साथ रोजगार और निवेश को बढ़ावा

इन परियोजनाओं से मोहाली और न्यू चंडीगढ़ दोनों में रोजगार, रियल एस्टेट और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल राज्य की अर्थव्यवस्था में दीर्घकालिक स्थिरता लाने और निवेश आकर्षित करने में मील का पत्थर साबित होगी।

Author
Pinki

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