
पीएम विश्वकर्मा योजना भारत सरकार द्वारा कारीगरों के विकास और सशक्तिकरण के लिए शुरू की गई एक बड़ी सरकारी योजना है। इस योजना के तहत कारीगरों को मुफ्त ट्रेनिंग, टूलकिट के लिए 15,000 रुपये की आर्थिक सहायता और व्यवसाय शुरू करने के लिए 1 लाख रुपये तक का लोन मिलता है।
Table of Contents
योजना के मुख्य लाभ
- कारीगरों को नई कौशल बढ़ाने के लिए मुफ्त प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।
- प्रशिक्षण के दौरान प्रतिदिन 500 रुपये का भत्ता मिलता है।
- टूलकिट खरीदने के लिए सरकार 15,000 रुपये देती है।
- व्यवसाय शुरू करने के लिए 1 लाख रुपये तक का लोन उपलब्ध है।
- यदि लोन का भुगतान समय पर किया जाता है, तो एक अतिरिक्त 1 लाख रुपये का लोन भी मिल सकता है।
योजना के लिए योग्यता
- सुनार, दर्जी, मोची, पत्थर तराशने वाले, झाड़ू या टोकरी बनाने वाले, ताला बनाने वाले, गुड़िया या खिलौने बनाने वाले और अन्य कारीगर इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।
- जो लोग किसी भी तरह की कारीगरी से जुड़े हैं, वे भी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज
- वोटर आईडी
- पैन कार्ड
- आधार कार्ड
- आय प्रमाण पत्र
- जाति प्रमाण पत्र
- बैंक खाता विवरण
- निवास प्रमाण पत्र
- काम से संबंधित दस्तावेज
- ईमेल आईडी और फोन नंबर
आवेदन की प्रक्रिया
- पीएम विश्वकर्मा योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन करें।
- सीएससी (Common Service Centre) या साइबर कैफे पर जाकर मोबाइल वेरिफिकेशन और आधार ई-केवाईसी पूरी करें।
- वेरिफिकेशन के बाद वेबसाइट या सीएससी पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
- आवेदन के बाद डिजिटल आईडी और प्रमाणपत्र ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं।
- अलग-अलग लाभों के लिए अलग-अलग आवेदन करें।
सवाल-जवाब
- कितने रुपये का लोन मिलता है?
1 लाख रुपये, और यदि समय पर भुगतान किया जाए तो एक और 1 लाख रुपये का लोन मिल सकता है। - क्या लोन जल्दी चुकाने पर पेनाल्टी होती है?
नहीं, कोई पेनाल्टी नहीं है। - ट्रेनिंग के दौरान कितना भत्ता मिलता है?
500 रुपये प्रतिदिन। - क्या बिना ट्रेनिंग के टूलकिट ले सकते हैं?
नहीं, ट्रेनिंग अनिवार्य है।
इस योजना का लाभ उठाकर कारीगर अपने कौशल को और बेहतर बना सकते हैं और व्यवसाय को आगे बढ़ा सकते हैं। यह योजना उन्हें आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने में मदद करती है।




