
आज के डिजिटल युग में कई लोग अपनी रोजमर्रा की आमदनी बढ़ाने के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स का सहारा ले रहे हैं। ऐसा ही एक उदाहरण गुमला के अरविंद का है, जिन्होंने यूट्यूब (YouTube) से सीखकर आलू और केले के चिप्स (Potato & Banana Chips) बनाना शुरू किया और आज यह काम उन्हें घर बैठे 60,000 रुपये से अधिक महीना कमाने में मदद कर रहा है।
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राजमिस्त्री से चिप्स कारोबारी तक का सफर
अरविंद ने पहले राजमिस्त्री (Mason) का काम किया, लेकिन इस पेशे में नियमित आमदनी नहीं होती थी। उनका परिवार और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई सही ढंग से नहीं चल पा रही थी। इसी बीच उन्होंने यूट्यूब पर आलू और केले के चिप्स बनाने का वीडियो देखा और उन्हें इस काम में संभावनाएँ नजर आईं।
अरविंद ने लोकल18 को बताया, “मैंने यूट्यूब वीडियो देखकर चिप्स बनाना सीखा। पैकेट वाले चिप्स तो बाजार में आसानी से मिलते हैं, लेकिन खुले चिप्स बेचने वाले कम ही लोग हैं। मैंने सोचा कि इसे अपने ठेले पर बेचकर अच्छी आमदनी की जा सकती है।”
इस तरह से अरविंद ने पांच साल पहले चिप्स बनाने का काम शुरू किया। आज, यह उनके लिए स्थायी व्यवसाय बन गया है और वे महीने का 60,000 रुपये से ज्यादा कमा रहे हैं।
घर बैठे कमाई का तरीका
अरविंद ने बताया कि इस बिजनेस (Business) में ज्यादा निवेश (Investment) नहीं लगता। सबसे पहले वह बाजार से उच्च गुणवत्ता वाले आलू (Potato) और केले (Banana) खरीदते हैं। आलू को छीलकर अच्छे से धोया जाता है और मशीन से पतले स्लाइस में काटा जाता है। इसके बाद तेल में फ्राई किया जाता है, जिससे चिप्स क्रिस्पी बनते हैं। केला चिप्स बनाने की प्रक्रिया भी यही है।
मसाले में है राज
अरविंद का कहना है कि चिप्स का स्वाद उनके खास मसाले (Spices) से आता है। मसाले में लॉन्ग, काली मिर्च, धनिया, जीरा, मिर्च, आमचूर और अन्य विशेष सामग्री मिलाई जाती है। इन मसालों को हाथ से पीसकर मिलाया जाता है। चिप्स को पहले सादा तैयार रखा जाता है, और ग्राहक की पसंद अनुसार ऊपर से मसाला डाला जाता है।
बिक्री और आमदनी का गणित
अरविंद अपने चिप्स गुमला शहर के मुख्य चौक, चौराहे और बाजारों में घूम-घूम कर बेचते हैं। आलू और केला दोनों चिप्स समान दर पर उपलब्ध हैं। कीमत की बात करें तो 100 ग्राम के लिए 30 रुपये और 1 किलो के लिए 300 रुपये लिया जाता है। रोजाना उनकी बिक्री 2,000 से 3,000 रुपये के बीच रहती है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से सीखने का महत्व
अरविंद का उदाहरण यह दिखाता है कि यूट्यूब जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स (Digital Platforms) न सिर्फ मनोरंजन का साधन हैं, बल्कि सीखने और व्यवसाय शुरू करने का एक प्रभावी जरिया भी बन सकते हैं। यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए प्रेरणा है, जो अपने पारंपरिक काम से संतुष्ट नहीं हैं या नियमित आय नहीं कमा पा रहे हैं।
भविष्य की योजना
अरविंद ने बताया कि भविष्य में वह अपने चिप्स बिजनेस (Chips Business) को और विस्तार देना चाहते हैं। वह इसे छोटे पैकेट में पैक कर सुपरमार्केट और ऑनलाइन मार्केटप्लेस (Online Marketplace) पर बेचने की सोच रहे हैं। इससे न सिर्फ उनकी आमदनी बढ़ेगी, बल्कि गुमला शहर में घर-घर उनके चिप्स की पहचान भी बनेगी।
सोशल इम्पैक्ट
इस तरह के छोटे-व्यवसाय स्थानीय रोजगार (Local Employment) के लिए भी सहायक हैं। अरविंद के चिप्स ठेले पर अन्य लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होते हैं। यह दिखाता है कि छोटे निवेश से स्थायी व्यवसाय (Sustainable Business) कैसे शुरू किया जा सकता है।

















