ट्रेन में ज्यादा सामान ले जाना पड़ेगा महंगा, स्टेशन पर तौला जाएगा बैग, रेल मंत्री का बड़ा ऐलान

रेल मंत्री ने ट्रेन यात्रियों के लिए एयरपोर्ट जैसी लगेज लिमिट लागू की है। अब तय सीमा से अधिक सामान लेकर चलने पर एक्सट्रा चार्ज देना होगा। सेकेंड क्लास में 35 किलो और एसी फर्स्ट क्लास में 70 किलो तक सामान फ्री ले जाने की अनुमति है। अधिक वज़न पर 1.5 गुना शुल्क देना पड़ेगा।

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indian railway luggage rules change you have to pay for extra baggage

भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सफर करने की आदतों में बदलाव लाने के उद्देश्य से एक बड़ा फैसला लिया है। अब ट्रेन में बेहिसाब सामान लेकर चलने वाले यात्रियों को सावधान रहना होगा, क्योंकि रेल मंत्री के हालिया ऐलान के बाद लगेज से जुड़े नियम सख्त कर दिए गए हैं।

एयरपोर्ट जैसी व्यवस्था अब ट्रेनों में भी

रेल मंत्री ने 17 दिसंबर को लोकसभा में जानकारी दी कि अब ट्रेनों में भी “एयरपोर्ट जैसी लगेज लिमिट सिस्टम” लागू किया जाएगा। यानी, जैसे फ्लाइट में सामान का वज़न लिमिट से ज़्यादा होने पर एक्स्टरा चार्ज देना पड़ता है, वैसे ही अब रेलवे में भी ऐसा ही नियम लागू होगा। इस फैसले के बाद रेलवे ने साफ कहा है कि हर क्लास की टिकट के हिसाब से यात्रियों के सामान की एक निश्चित सीमा तय की गई है। अगर कोई यात्री इस सीमा से अधिक वज़न का सामान लेकर ट्रेन में यात्रा करता है, तो उसे अतिरिक्त शुल्क देना होगा।

स्टेशन पर होगी सामान की तौल

रेलवे अब यात्रियों का सामान स्टेशन पर ही तोलेगा। इसके लिए कई प्रमुख स्टेशनों पर लगेज वेरिफिकेशन सिस्टम तैयार किया जा रहा है। अगर किसी यात्री का सामान निर्धारित सीमा से अधिक पाया जाता है, तो उसे वहीं पर एक्सट्रा चार्ज देना होगा। रेलवे का मानना है कि इससे न केवल कोचों में भीड़ और अव्यवस्था घटेगी, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।

अलग-अलग क्लास के लिए तय लगेज लिमिट

भारतीय रेलवे ने यात्रियों की क्लास और टिकट टाइप के हिसाब से सामान की सीमा तय की है। इन सीमाओं के अनुसार –

  • सेकेंड क्लास (Second Class): अधिकतम 35 किलो तक का सामान मुफ्त साथ ले जा सकते हैं।
  • स्लीपर क्लास (Sleeper Class): 40 किलो तक का सामान मुफ्त है, हालांकि अधिकतम 80 किलो तक ले जाने की अनुमति है (एक्सट्रा चार्ज देकर)।
  • एसी 3 टियर और चेयर कार (AC 3 Tier / Chair Car): एक यात्री अधिकतम 40 किलो तक का सामान फ्री ले जा सकता है।
  • एसी 2 टियर और फर्स्ट क्लास (AC 2 Tier / First Class): 50 किलो तक का सामान मुफ्त और अधिकतम 100 किलो तक की सीमा तय है।
  • एसी फर्स्ट क्लास (AC First Class): 70 किलो तक का सामान मुफ्त है, जबकि अधिकतम सीमा 150 किलो तय की गई है।

तय सीमा से ज्यादा सामान पर लगेगा चार्ज

रेल मंत्री के मुताबिक, अगर कोई यात्री इस लिमिट से ज़्यादा सामान लेकर चलता है, तो उसे 1.5 गुना तक का एक्स्ट्रा चार्ज देना होगा। यह चार्ज तय दरों के अनुसार स्टेशन पर ही वसूला जाएगा। यानी अब ट्रेन के डिब्बों में बड़े-बड़े ट्रंक, बैग या बॉक्स रखकर सफर करने वालों को अतिरिक्त भुगतान की तैयारी करनी होगी।

क्यों लागू हुआ यह नियम?

भारतीय रेलवे ने यह कदम साफ-सफाई और सुरक्षा दोनों को ध्यान में रखते हुए उठाया है। अक्सर यात्रियों द्वारा अत्यधिक सामान लाने से कोचों में अव्यवस्था फैल जाती है, जिससे अन्य यात्रियों को परेशानी होती है। इसके अलावा, ज्यादा सामान लोड होने से ट्रेन के संचालन पर भी असर पड़ता है। रेलवे का कहना है कि यह नियम न केवल ट्रेन में सफर को आरामदायक बनाएगा बल्कि ओवरलोडिंग की समस्या को भी कम करेगा। इससे ट्रेन की फ्यूल एफिशिएंसी बढ़ेगी और समय पर संचालन में मदद मिलेगी।

यात्रियों की जिम्मेदारी भी बढ़ी

अब यात्रियों को टिकट बुक करते समय यह ध्यान रखना होगा कि वे अपनी क्लास के मुताबिक ही सामान लेकर चलें। साथ ही, अपने लगेज के लिए स्टेशन पर निर्धारित नियमों का पालन करें। रेलवे की कोशिश है कि सभी यात्रियों को इस नए सिस्टम के बारे में पहले से जानकारी दी जाए ताकि किसी को अचानक परेशानी न हो।

रेलवे का लक्ष्य: बेहतर ट्रैवल एक्सपीरियंस

रेल मंत्री ने कहा कि ये नए लगेज नियम यात्रियों के अनुभव (Travel Experience) को और बेहतर बनाने की दिशा में उठाया गया कदम है। इससे ट्रेन के अंदर सफाई बनी रहेगी, कोचों में रास्ते साफ रहेंगे और यात्रियों को ट्रेवल के दौरान ज्यादा आराम मिलेगा। आने वाले समय में रेलवे इस नियम को चरणबद्ध तरीके से पूरे देश में लागू करेगा। जिन यात्रियों के पास लंबी दूरी की टिकटें हैं या जो ग्रुप में ट्रैवल करते हैं, उन्हें यात्रा से पहले लगेज वेटिंग की तैयारी करनी होगी।

Author
Pinki

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