हाइवे के पास प्लॉट मिला तो खुशी होती है, लेकिन मकान या दुकान बनाने से पहले दूरी के सख्त नियमों को नजरअंदाज न करें। सड़क की मध्य रेखा से न्यूनतम 75 मीटर दूर ही निर्माण सुरक्षित माना जाता है, वरना भविष्य में परेशानी हो सकती है। ये नियम ट्रैफिक प्रवाह, सुरक्षा और सड़क विस्तार के लिए बने हैं।

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निर्माण की न्यूनतम दूरी क्या है?
राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क की बीच वाली लाइन से 40 मीटर के अंदर कोई भवन खड़ा करना पूरी तरह बंद है। 40 से 75 मीटर तक के क्षेत्र में विशेष अनुमति जरूरी होती है, जबकि इससे ज्यादा दूरी पर बिना झंझट निर्माण हो जाता है। राज्य सड़कों पर ये दूरी थोड़ी कम, जैसे 60 फीट या 50 फीट तक सीमित रह सकती है। ग्रामीण इलाकों में 75 फीट और शहरों में 60 फीट का फॉर्मूला आमतौर पर लागू होता है।
अनुमति लेने का सही तरीका
किसी भी निर्माण के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी या लोकल अथॉरिटी से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य है। प्लॉट खरीदते समय भूमि उपयोग प्रमाणपत्र और नक्शा पास करवाएं। बिना इजाजत बनवाया मकान कभी भी हटाया जा सकता है, वो भी बिना मुआवजे के। राज्यवार थोड़े बदलाव हो सकते हैं, इसलिए लोकल ऑफिस में पूछताछ करें।
गलती करने के खतरे समझें
नियम न मानने पर न सिर्फ निवेश डूब सकता है, बल्कि जुर्माना या कानूनी पचड़ा भी खड़ा हो जाता है। सड़क चौड़ीकरण के दौरान कई प्लॉट प्रभावित होते हैं, इसलिए राइट ऑफ वे की सीमा पहले जांच लें। प्लॉट का सही उपयोग करने के लिए शुरुआत में ही नियम फॉलो करें, ताकि लंबे समय तक फायदा हो। सुरक्षित दूरी रखकर ही बिजनेस या घर बनाएं।

















