बिहार को मिलेंगे 5 नए एक्सप्रेसवे, नीतीश सरकार की बड़ी तैयारी, जानें पूरा रोडमैप

बिहार की विकास यात्रा में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है, मुख्यमंत्री नीतीश सरकार ने राज्य की कनेक्टिविटी को विश्वस्तरीय बनाने के लिए 5 नए एक्सप्रेसवे के निर्माण की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है, 'सात निश्चय-3' के तहत साल 2025 में इन परियोजनाओं को रफ्तार देने की तैयारी है, जिसका लक्ष्य बिहार के किसी भी कोने से राजधानी पटना की दूरी को अधिकतम 5 घंटे तक समेटना है

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बिहार को मिलेंगे 5 नए एक्सप्रेसवे, नीतीश सरकार की बड़ी तैयारी, जानें पूरा रोडमैप
बिहार को मिलेंगे 5 नए एक्सप्रेसवे, नीतीश सरकार की बड़ी तैयारी, जानें पूरा रोडमैप

 बिहार की विकास यात्रा में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है, मुख्यमंत्री नीतीश सरकार ने राज्य की कनेक्टिविटी को विश्वस्तरीय बनाने के लिए 5 नए एक्सप्रेसवे के निर्माण की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है, ‘सात निश्चय-3’ के तहत साल 2025 में इन परियोजनाओं को रफ्तार देने की तैयारी है, जिसका लक्ष्य बिहार के किसी भी कोने से राजधानी पटना की दूरी को अधिकतम 5 घंटे तक समेटना है।

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पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे: बिहार का पहला 6-लेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर

बिहार को जल्द ही अपना पहला 6-लेन राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे मिलने जा रहा है। यह एक्सप्रेसवे वैशाली के सराय से शुरू होकर समस्तीपुर, दरभंगा और मधेपुरा जैसे जिलों को पार करते हुए पूर्णिया के हंसदह तक जाएगा, इसके बनने से पटना और पूर्णिया के बीच का सफर 7 घंटे से घटकर मात्र साढ़े तीन घंटे रह जाएगा।

रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेसवे: नेपाल सीमा से समंदर तक का रास्ता

यह एक्सप्रेसवे सामरिक और व्यापारिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। करीब 585 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर का 408 किलोमीटर हिस्सा बिहार से गुजरेगा। यह भारत-नेपाल सीमा पर स्थित रक्सौल को सीधे पश्चिम बंगाल के हल्दिया पोर्ट से जोड़ेगा। इसके तहत बेगूसराय में गंगा नदी पर एक विशाल पुल का निर्माण भी प्रस्तावित है।

आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे: उत्तर और दक्षिण बिहार का महामिलन

उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच की दूरी को कम करने के लिए आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे पर तेजी से काम चल रहा है, यह औरंगाबाद (आमस) से शुरू होकर जहानाबाद और पटना के कच्ची दरगाह होते हुए दरभंगा के बेला नवादा तक जाएगा, यह राज्य के मध्य भाग के लिए लाइफलाइन साबित होगा।

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बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे: दिल्ली तक सीधी पहुंच

नीतीश सरकार का लक्ष्य बिहार को सीधे राष्ट्रीय राजधानी से जोड़ना है। बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे के जरिए पूर्वांचल एक्सप्रेसवे (UP) की कनेक्टिविटी सीधे भागलपुर तक होगी। गौरतलब है कि इसके मोकामा-मुंगेर खंड (82.4 किमी) के लिए केंद्र सरकार ने सितंबर 2025 में ₹4,447 करोड़ की भारी-भरकम राशि मंजूर की है।

गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे: सीमावर्ती क्षेत्रों का कायाकल्प

यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल को एक सूत्र में पिरोएगा। बिहार के उत्तरी जिलों से गुजरने वाला यह कॉरिडोर सीमावर्ती इलाकों में व्यापार और उद्योग के नए द्वार खोलेगा।

मिशन 2030: यूपी मॉडल पर होगा निर्माण

राज्य सरकार इन परियोजनाओं के लिए उत्तर प्रदेश के एक्सप्रेसवे मॉडल का अनुसरण कर रही है ताकि भूमि अधिग्रहण और निर्माण कार्य समय सीमा के भीतर पूरा हो सके।

  • अनुमानित बजट: ₹1.2 लाख करोड़ से अधिक।
  • रफ्तार: 120 किमी/घंटा की गति के लिए डिजाइन।
  • प्रमुख लाभ: इन एक्सप्रेसवे के किनारे ‘इंडस्ट्रियल क्लस्टर’ विकसित किए जाएंगे, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के लाखों अवसर पैदा होंगे।

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बिहार सरकार की इस बड़ी तैयारी से साफ है कि आने वाले 5 सालों में राज्य की तस्वीर बदलने वाली है और बुनियादी ढांचा निवेश का नया केंद्र बनेगा।

Bihar Nitish Kumar Government
Author
Pinki

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