
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए आर्थिक मोर्चे पर बड़ी हलचल शुरु हो गई है, केंद्र सरकार द्वारा पेंशन नियमों में किए गए ऐतिहासिक बदलावों और आगामी वेतन आयोग की सुगबुगाहट ने ‘टेक-होम’ सैलरी (In-hand Salary) का पूरा गणित बदल कर रख दिया है।
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UPS (यूनिफाइड पेंशन स्कीम): 1 अप्रैल 2025 से नया दौर
सरकार ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के विवादों के बीच यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को मंजूरी दे दी है, जो 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी होगी।
- अब कर्मचारियों को रिटायरमेंट से पहले के आखिरी 12 महीनों के औसत मूल वेतन का 50% हिस्सा गारंटीड पेंशन के रूप में मिलेगा।
- कर्मचारियों का अंशदान 10% (बेसिक + DA) पर स्थिर रहेगा, लेकिन सरकार ने अपना हिस्सा 14% से बढ़ाकर 18.5% कर दिया है। इससे कर्मचारियों के रिटायरमेंट फंड में बड़ी बढ़ोत्तरी होगी।
8वें वेतन आयोग पर बड़ी अपडेट
केंद्रीय कर्मचारियों के बीच साल 2025 में सबसे ज्यादा चर्चा 8वें वेतन आयोग के गठन को लेकर है।
- यदि सरकार इसे 1 जनवरी 2026 से लागू करने की तैयारी करती है, तो फिटमेंट फैक्टर में वृद्धि के कारण न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 से बढ़कर ₹34,000 के पार जा सकती है।
- वेतन आयोग के लागू होने से न केवल मौजूदा कर्मचारियों की सैलरी बढ़ेगी, बल्कि पूर्व कर्मचारियों की पेंशन में भी भारी इजाफा होगा।
टेक-होम सैलरी पर क्यों पड़ेगा असर?
नए नियमों और संभावित लेबर कोड के प्रावधानों के कारण कर्मचारियों की इन-हैंड सैलरी में बदलाव देखने को मिल सकता है:
- यदि बेसिक सैलरी कुल सीटीसी (CTC) का 50% अनिवार्य की जाती है, तो PF (भविष्य निधि) की कटौती बढ़ जाएगी। इससे आपकी मंथली ‘टेक-होम’ सैलरी में मामूली कमी आ सकती है, लेकिन आपकी ग्रेच्युटी और रिटायरमेंट के समय मिलने वाली राशि काफी बड़ी हो जाएगी।
महंगाई भत्ते (DA) का नया आंकड़ा
दिसंबर 2025 की स्थिति के अनुसार, महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) की दरों में लगातार वृद्धि हो रही है, जुलाई 2025 की समीक्षा के बाद यह दरें 58% के स्तर को छू चुकी हैं, जिससे कर्मचारियों के कुल वेतन में अच्छी वृद्धि दर्ज की गई है।
कर्मचारियों पर क्या होगा असर?
विशेषज्ञों का मानना है कि इन बदलावों से कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा (Social Security) पहले से अधिक मजबूत होगी, जहाँ एक ओर UPS बुढ़ापे की लाठी बनेगा, वहीं 8वें वेतन आयोग की सुगबुगाहट ने कर्मचारियों की वित्तीय उम्मीदों को पंख लगा दिए हैं, हालांकि, मासिक खर्चों के लिए मिलने वाली ‘इन-हैंड’ सैलरी के गणित को समझने के लिए कर्मचारियों को अपनी नई पे-स्लिप का इंतजार करना होगा।

















