
रूस ने योग्य विदेशी प्रोफेशनल्स को अपने देश में काम करने और बसने का मौका देने के लिए एक नया स्किल वीजा (Skill Visa) प्रोग्राम शुरू किया है। इस प्रोग्राम के ज़रिए दुनिया भर से टैलेंटेड लोगों को आकर्षित करने की कोशिश की जा रही है, खासतौर पर उन देशों से जिनके साथ रूस के मजबूत आर्थिक और शिक्षा संबंध हैं और भारत उनमें सबसे अहम साझेदार है।
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पुतिन ने भारत यात्रा से पहले साइन किया आदेश
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत यात्रा से ठीक पहले इस स्किल वीजा प्रोग्राम को मंजूरी दी। माना जा रहा है कि यह फैसला दोनों देशों के बीच हाल ही में हुए मोबिलिटी और एजुकेशन समझौतों को मजबूत करेगा। रूस ने साफ किया है कि वह साइंस, टेक्नोलॉजी, एजुकेशन, कल्चर, बिजनेस और स्पोर्ट्स जैसे क्षेत्रों के एक्सपर्ट्स का स्वागत करेगा बिना किसी कोटा लिमिट के और बिना रूसी भाषा की परीक्षा पास किए।
बिना कोटा और लैंग्वेज टेस्ट के मिलेगी एंट्री
अभी तक रूस में काम करने के लिए विदेशी नागरिकों को कठोर प्रक्रियाओं और भाषा परीक्षाओं से गुजरना पड़ता था, लेकिन इस नए वीजा सिस्टम में आवेदन काफी आसान होगा। योग्य आवेदकों को न तो भाषा परीक्षा देनी होगी और न ही किसी इंडस्ट्री कोटा की चिंता करनी पड़ेगी। इससे भारत जैसे देशों के प्रोफेशनल्स को रूस की बढ़ती इंडस्ट्रीज़ जैसे एनर्जी, इंफ्रास्ट्रक्चर, हेल्थकेयर और एजुकेशन में काम करने के अधिक मौके मिलेंगे।
तीन साल की रेजिडेंसी और पीआर का अवसर
स्किल वीजा के तहत विदेशी एक्सपर्ट्स को तीन साल तक की टेंपरेरी रेजिडेंसी दी जाएगी। वहीं, जो प्रोफेशनल रूसी सरकार द्वारा तय प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में काम करेंगे, उन्हें डायरेक्ट परमानेंट रेजिडेंसी (PR) का फायदा मिल सकता है। यह सुविधा भारतीय युवाओं के लिए खास मायने रखती है, क्योंकि इससे उन्हें रूस में स्थायी रूप से काम करने और रहने का कानूनी रास्ता खुलेगा।
आवेदन प्रक्रिया: दो आसान चरणों में पूरी होगी
रूस के इस वीजा के लिए प्रक्रिया को बेहद सरल रखा गया है। इसे दो चरणों में पूरा किया जाएगा।
- पहला चरण: उम्मीदवार को रूस की स्वीकृत एजेंसी में आवेदन भेजना होगा। एजेंसी आवेदक के प्रोफाइल और योग्यताओं की जांच कर अनुमोदन देगी।
- दूसरा चरण: एजेंसी की मंजूरी मिलने के बाद उम्मीदवार रूस के इमिग्रेशन विभाग में रेजिडेंसी आवेदन जमा करेगा। यह मंजूरी एक साल तक वैलिड रहती है।
इस नीति का फायदा यह है कि पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से की जा सकती है, जिससे आवेदन में समय और झंझट दोनों कम होंगे।
ऑनलाइन आवेदन और एक साल का बिजनेस वीजा
रूस ने इस वीजा के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी दी है। आवेदक अपने देश से ही वेबसाइट के ज़रिए आवेदन कर सकेंगे। आवेदन स्वीकार होने के बाद उन्हें और उनके परिवार को एक साल का बिजनेस वीजा मिलेगा, जिससे वे रूस जाकर रेजिडेंसी डॉक्स जमा कर पाएंगे। खास बात यह है कि वीजा प्रोसेसिंग के दौरान भी उम्मीदवार रूस में काम कर सकता है इसके लिए अलग वर्क परमिट की ज़रूरत नहीं होगी। यह फीचर इस स्किल वीजा प्रोग्राम को बेहद आकर्षक बनाता है।
30 दिन में निर्णय, आसान मॉनिटरिंग
रूसी अधिकारियों के अनुसार, अधिकांश आवेदन पर 30 दिनों के भीतर निर्णय लिया जाएगा। इससे देर से मिलने वाले फैसलों की समस्या खत्म होगी और पेशेवर अपने काम की योजना आसानी से बना सकेंगे। वर्तमान में रूस में लगभग 14,000 भारतीय, 1,500 भारतीय मूल के अफगान नागरिक, 500 भारतीय व्यवसायी और करीब 300 भारतीय कंपनियां मौजूद हैं। यह नया वीजा प्रोग्राम भारतीय उपस्थिति को और मजबूत करेगा।
भारत-रूस संबंधों को नई दिशा
यह प्रोग्राम सिर्फ रोजगार का दरवाजा नहीं खोलता, बल्कि यह भारत और रूस के बीच स्किल एक्सचेंज और इकॉनॉमिक ग्रोथ को भी बढ़ावा देगा। भारत के इंजीनियर, रिसर्चर, डॉक्टर, शिक्षक और आईटी प्रोफेशनल्स रूसी इंडस्ट्रीज में नई भूमिका निभा सकेंगे, जबकि रूस को अपनी अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा मिलेगी।
दोनों देशों के लिए फायदेमंद कदम
रूस का यह कदम ‘वर्क एंड स्टडी इकोनॉमी’ को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम है। इससे वैज्ञानिकों, शिक्षकों, कलाकारों और तकनीकी प्रोफेशनल्स को सीधी राहत मिलेगी। वहीं, भारत के लिए यह अवसर है अपने युवाओं को ग्लोबल अवसरों से जोड़ने का। कुल मिलाकर, यह स्किल वीजा प्रोग्राम दोनों देशों के बीच न सिर्फ रोजगार बल्कि दोस्ती और विकास के रिश्ते को भी नया आयाम देगा।

















