
बुधवार, 19 नवंबर को Waaree Energies के शेयरों में अचानक तेज गिरावट देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में कंपनी का स्टॉक करीब 6 प्रतिशत टूटकर 3,089 रुपये के स्तर तक आ गया। निवेशकों की बेचैनी का कारण बना इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ओर से कंपनी के कुछ ऑफिसों और प्लांट्स पर की गई कार्रवाई।
कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को भेजी अपनी आधिकारिक सूचना में बताया कि इनकम टैक्स अधिकारी 18 नवंबर की शाम भारत में स्थित कुछ यूनिट्स और ऑफिसों में इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के तहत जांच के लिए पहुंचे हैं। Waaree Energies ने कहा है कि वह इस जांच में पूरी तरह से सहयोग कर रही है और सभी प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है।
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शानदार तिमाही नतीजों के बावजूद दबाव
गौर करने वाली बात यह है कि यह गिरावट तब आई है जब कंपनी ने हाल ही में अपने सितंबर तिमाही (Q2 FY26) के बेहद मजबूत नतीजे घोषित किए थे। कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 130 प्रतिशत बढ़कर 871 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल की इसी तिमाही में मुनाफा 375.66 करोड़ रुपये था।
इसी अवधि में कंपनी की आय (Revenue) 70 प्रतिशत बढ़कर 6,226.54 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। ऑपरेटिंग प्रॉफिट में भी जबरदस्त उछाल देखने को मिला—यह 155 प्रतिशत बढ़कर 1,567.30 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। EBITDA मार्जिन में सुधार के साथ यह 16.76 प्रतिशत से बढ़कर 25.17 प्रतिशत हो गया, जो कंपनी की बेहतर लागत प्रबंधन और प्रोडक्शन एफिशिएंसी को दर्शाता है।
आधे साल में दमदार प्रदर्शन
अगर हाफ-ईयर (FY26 H1) के नजरिए से देखें तो Waaree Energies ने अपनी मजबूत ग्रोथ बनाए रखी है। कंपनी का कुल रेवेन्यू 51 प्रतिशत की बढ़त के साथ 10,823.72 करोड़ रुपये रहा, वहीं ऑपरेटिंग प्रॉफिट 118 प्रतिशत उछलकर 2,735.97 करोड़ रुपये पहुंच गया।
कंपनी के पास इस समय लगभग 24 GW का ऑर्डर बुक है, जिसकी कुल वैल्यू लगभग 47,000 करोड़ रुपये है। इतना बड़ा ऑर्डर बुक इस बात का संकेत है कि कंपनी के पास आने वाले समय के लिए मजबूत बिजनेस विजिबिलिटी है।
डिविडेंड और एक्सपैंशन पर फोकस
निवेशकों के लिए एक सकारात्मक खबर यह भी है कि Waaree Energies ने प्रति शेयर 2 रुपये के अंतरिम डिविडेंड की घोषणा की है। इसके अलावा कंपनी ने गुजरात के चीखली में 3 GW क्षमता वाला नया सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट भी कमीशन किया है। यह कदम कंपनी की कैपेसिटी बढ़ाने और भारत के तेजी से बढ़ते रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में अपनी स्थिति मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव, लेकिन लंबी रेस का घोड़ा
भले ही इनकम टैक्स छापों की खबर से शेयर प्राइस पर तात्कालिक दबाव देखने को मिल रहा है, लेकिन कंपनी के बिजनेस फंडामेंटल्स और हालिया नतीजे मजबूत बने हुए हैं। एनालिस्ट्स का मानना है कि जांच की स्थिति स्पष्ट होने के बाद निवेशकों का भरोसा फिर से लौट सकता है।
Waaree Energies सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग में देश की अग्रणी कंपनियों में से एक है और भारत के सस्टेनेबल एनर्जी ट्रांजिशन में प्रमुख भूमिका निभा रही है। दीर्घकालिक निवेश दृष्टिकोण से देखें तो कंपनी की मजबूत ग्रोथ, लगातार बढ़ते ऑर्डर और कैपेसिटी एक्सपैंशन इसे एक संभावित लॉन्ग-टर्म विजेता बना सकते हैं।

















