UP Scholarship 2026: योगी सरकार ने छात्रवृति पर लगाया ‘फिल्टर’! अब सिर्फ इन छात्रों को मिलेगी स्कॉलरशिप, जानें आवेदन का नया नियम।

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने छात्रवृत्ति वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए वर्ष 2026 के सत्र से नए 'फिल्टर' लागू कर दिए हैं। सरकार के इस कदम का सीधा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य निधि का लाभ केवल उन्हीं मेधावी और जरूरतमंद छात्रों को मिले जो वास्तव में इसके पात्र हैं, आवेदन प्रक्रिया में किए गए इन बड़े बदलावों से फर्जीवाड़ा करने वाले संस्थानों और छात्रों पर नकेल कसी जाएगी

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UP Scholarship 2026: योगी सरकार ने छात्रवृति पर लगाया 'फिल्टर'! अब सिर्फ इन छात्रों को मिलेगी स्कॉलरशिप, जानें आवेदन का नया नियम।
UP Scholarship 2026: योगी सरकार ने छात्रवृति पर लगाया ‘फिल्टर’! अब सिर्फ इन छात्रों को मिलेगी स्कॉलरशिप, जानें आवेदन का नया नियम।

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने छात्रवृत्ति वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए वर्ष 2026 के सत्र से नए ‘फिल्टर’ लागू कर दिए हैं। सरकार के इस कदम का सीधा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य निधि का लाभ केवल उन्हीं मेधावी और जरूरतमंद छात्रों को मिले जो वास्तव में इसके पात्र हैं, आवेदन प्रक्रिया में किए गए इन बड़े बदलावों से फर्जीवाड़ा करने वाले संस्थानों और छात्रों पर नकेल कसी जाएगी।

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75% उपस्थिति के बिना नहीं आएगी स्कॉलरशिप

नए नियमों के तहत अब केवल आवेदन करना ही काफी नहीं होगा, छात्रवृत्ति पाने के लिए छात्रों की शैक्षणिक संस्थान में 75% उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है, इसके लिए सरकार ने सभी शिक्षण संस्थानों को आधार-आधारित बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम को कड़ाई से लागू करने का निर्देश दिया है जिन छात्रों की उपस्थिति इस मानक से कम होगी, उनका डेटा छात्रवृत्ति पोर्टल पर स्वतः ही रिजेक्ट हो जाएगा।

आधार सीडिंग और NPCI मैपिंग अनिवार्य

अक्सर देखा जाता था कि बैंक खातों की गड़बड़ी के कारण पैसा अटक जाता था, अब योगी सरकार ने नियम स्पष्ट कर दिया है कि छात्रवृत्ति की राशि केवल Direct Benefit Transfer (DBT) के माध्यम से भेजी जाएगी, इसके लिए छात्र का बैंक खाता न केवल आधार से लिंक होना चाहिए, बल्कि वह NPCI (National Payments Corporation of India) के साथ मैप भी होना अनिवार्य है।

डिजिलॉकर (DigiLocker) से होगा सत्यापन

फर्जी दस्तावेजों के जरिए छात्रवृत्ति हड़पने वालों पर रोक लगाने के लिए सरकार ने डिजिलॉकर (DigiLocker) के माध्यम से दस्तावेजों के सत्यापन को अनिवार्य बना दिया है, आवेदन करते समय छात्रों को अपने शैक्षणिक प्रमाण पत्र डिजिलॉकर से सीधे फेच (Fetch) करने होंगे, जिससे गलत जानकारी देने की गुंजाइश खत्म हो जाएगी।

आय सीमा का नया फिल्टर

छात्रवृत्ति के लिए पात्रता की शर्तें भी स्पष्ट की गई हैं:

  • SC/ST वर्ग: परिवार की वार्षिक आय ₹2.5 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए।
  • OBC, सामान्य और अल्पसंख्यक वर्ग: परिवार की वार्षिक आय की सीमा ₹2 लाख निर्धारित की गई है। 

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संस्थानों पर भी कसी गई नकेल

सिर्फ छात्रों के लिए ही नहीं, बल्कि कॉलेजों के लिए भी नियम सख्त किए गए हैं। केवल उन्हीं संस्थानों के छात्र आवेदन कर पाएंगे जिनकी मान्यता वैध है और जिनका मास्टर डेटाबेस शासन द्वारा सत्यापित किया गया है, ब्लैकलिस्टेड या संदिग्ध संस्थानों को पोर्टल से बाहर कर दिया गया है।

कैसे करें आवेदन?

इच्छुक छात्र उत्तर प्रदेश सरकार के आधिकारिक पोर्टल scholarship.up.gov.in पर जाकर पंजीकरण कर सकते हैं। आवेदन करने से पहले छात्र यह सुनिश्चित कर लें कि उनके आधार कार्ड में नाम और जन्मतिथि उनके हाईस्कूल प्रमाण पत्र से मेल खाती हो।

योगी सरकार का यह ‘फिल्टर’ सिस्टम शिक्षा के क्षेत्र में सुचिता लाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग रुकेगा और वास्तविक जरुरतमंदों को समय पर आर्थिक सहायता मिल सकेगी।

UP Scholarship 2026
Author
Pinki

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