टीचरों को झटका! अब सर्दियों की छुट्टियों पर लगा बैन, जानें शिक्षा निदेशालय का नया फरमान

हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग ने बड़ा फैसला लिया है जो शिक्षक ग्रीष्मकालीन अवकाश ले चुके हैं और सत्र के बीच शीतकालीन स्कूलों में स्थानांतरित हुए हैं, उन्हें अब शीतकालीन अवकाश नहीं मिलेगा। ऐसे शिक्षकों को जनवरी से फरवरी 2026 के बीच संबंधित स्कूलों में प्रतिनियुक्ति पर सेवाएं देनी होंगी ताकि शिक्षण कार्य प्रभावित न हो।

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teachers who have already taken summer holidays will not be granted winter vacation

हिमाचल प्रदेश के शिक्षकों के लिए बड़ी खबर है। राज्य के स्कूल शिक्षा निदेशालय ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि अब एक ही शैक्षणिक वर्ष में दो तरह की छुट्टियों का लाभ नहीं मिलेगा। जिन शिक्षकों का ट्रांसफर सत्र के बीच ग्रीष्मकालीन स्कूलों से शीतकालीन स्कूलों में हुआ है और जिन्होंने पहले ही Summer Vacation का लाभ उठा लिया है, वे अब Winter Vacation नहीं ले पाएंगे। शिक्षा विभाग ने यह कदम समानता बनाए रखने और शिक्षण कार्य में निरंतरता के उद्देश्य से उठाया है।

निदेशालय ने जारी किए सख्त निर्देश

स्कूल शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा उपनिदेशकों (DDEs) को इस संबंध में दिशा-निर्देश भेजे हैं। आदेश में साफ कहा गया है कि ऐसे शिक्षक जो पहले ग्रीष्मकालीन अवकाश ले चुके हैं, उन्हें शीतकालीन छुट्टियों के दौरान छुट्टी नहीं दी जाएगी। इसके बजाय उन्हें दूसरे स्कूलों में Deputation (प्रतिनियुक्ति) पर तैनात किया जाएगा, ताकि उस अवधि में शिक्षण कार्य प्रभावित न हो।

जिला स्तर पर तैयार होगी लिस्ट

निदेशालय ने जिला स्तर पर ऐसे शिक्षकों की पहचान करने के निर्देश दिए हैं। उपनिदेशकों को कहा गया है कि वे अपने अधीन सभी स्कूलों से ऐसे शिक्षकों की जानकारी इकट्ठा करें और एक सटीक सूची तैयार करें। इस सूची के आधार पर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी शिक्षक को डबल अवकाश का लाभ न मिले। रिपोर्ट बनने के बाद उनके लिए शीतकालीन स्कूलों में सेवा देने की व्यवस्था की जाएगी।

सर्दियों में भी देना होगा योगदान

शीतकालीन अवकाश आमतौर पर 1 जनवरी 2026 से मध्य फरवरी तक रहेगा। लेकिन जिन शिक्षकों ने पहले ही गर्मियों में छुट्टियां ली हैं, उन्हें इस अवधि में भी सक्रिय रहना होगा। उन्हें नजदीकी शीतकालीन स्कूलों में शिक्षण या प्रशासनिक कार्यों के लिए तैनात किया जाएगा। निदेशालय के मुताबिक, इस योजना से उन क्षेत्रों में स्टाफ की कमी नहीं होगी, जहां सर्दियों में स्कूल बंद होने के बाद भी कुछ कार्य जारी रहते हैं।

विभाग का उद्देश्य

शिक्षा विभाग का कहना है कि यह निर्णय किसी दंड के रूप में नहीं है, बल्कि यह कार्य-व्यवस्था को Fair और Transparent बनाने की दिशा में उठाया गया कदम है। विभाग का तर्क है कि जब कुछ शिक्षक पहले ही लंबी ग्रीष्मकालीन छुट्टियां ले चुके हैं, तो उन्हें दोबारा पूरी अवधि का अवकाश देना न्यायसंगत नहीं होगा। इससे अन्य शिक्षकों और छात्रों के बीच भी समानता बनी रहेगी।

31 दिसंबर को शिक्षक-अभिभावक संवाद

शीतकालीन स्कूलों में 31 दिसंबर को Parent-Teacher Meeting (PTM) आयोजित की जाएगी। इस बैठक का उद्देश्य है कि अभिभावकों को छात्रों की शैक्षणिक प्रगति, उपस्थिति और विषयवार प्रदर्शन के बारे में अवगत कराया जाए। इसके साथ ही स्कूल प्रशासन अगले सत्र की रूपरेखा भी साझा करेगा। यह संवाद अभिभावकों और शिक्षकों, दोनों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करेगा।

फरवरी से शुरू होगा नया सत्र

फरवरी 2026 से शीतकालीन स्कूलों में नया Academic Session शुरू होगा। इस दौरान न सिर्फ नए कोर्स की शुरुआत होगी, बल्कि जिन शिक्षकों ने सर्दियों में ड्यूटी दी होगी, उन्हें आने वाले समय में आवश्यकतानुसार रोटेशन पॉलिसी में लाभ भी दिया जा सकता है। इससे विभाग में Work Transparency और शिक्षकों में जवाबदेही को बल मिलने की उम्मीद है।

शिक्षकों की अलग राय

हालांकि कुछ शिक्षकों का मानना है कि यह कदम उनके लिए चुनौतीपूर्ण साबित होगा, क्योंकि ट्रांसफर के बाद नए माहौल और ठंड के मौसम में लगातार काम करना आसान नहीं होगा। फिर भी, प्रशासन इस पर दृढ़ है कि शिक्षा व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए यह कदम आवश्यक है।

Author
Pinki

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