SC-ST क्रीमी लेयर पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा एक्शन! केंद्र और राज्यों से मांगा जवाब, क्या अब बदल जाएंगे आरक्षण के नियम?

सुप्रीम कोर्ट ने SC-ST आरक्षण से क्रीमी लेयर हटाने पर केंद्र-राज्यों को नोटिस जारी किया। गरीबों को फायदा पहुंचाने की मांग। कोर्ट ने सब-कैटेगरी का समर्थन किया, लेकिन केंद्र विरोधी। चार हफ्ते में जवाब। ये फैसला लाखों जिंदगियां बदलेगा – अमीर कोटा छोड़े, गरीब उठें!

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SC-ST क्रीमी लेयर पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा एक्शन! केंद्र और राज्यों से मांगा जवाब, क्या अब बदल जाएंगे आरक्षण के नियम?

आरक्षण की बहस फिर गरम हो गई है। सुप्रीम कोर्ट ने SC-ST कोटे से ‘क्रीमी लेयर’ हटाने की मांग पर केंद्र, राज्यों को नोटिस जारी कर दिया। चार हफ्ते में जवाब मांगा गया है। ये याचिका कहती है कि अमीर SC-ST वाले फायदे उठा रहे हैं, गरीब पीछे रह जाते हैं। कोर्ट ने सुनवाई को हामी भरी। ये फैसला लाखों जिंदगियों पर असर डालेगा।

क्रीमी लेयर क्यों हो रही चर्चा?

सोचिए, आरक्षण का मकसद गरीबों को ऊपर उठाना था, लेकिन अब अमीर तबका इसे हजम कर रहा है। याचिकाकर्ता का दावा है कि SC-ST के ‘क्रीमी लेयर’ – यानी सरकारी नौकरी, अच्छी कमाई वाले – बार-बार कोटा ले रहे। असली जरूरतमंद, गांव के गरीब, छूट जाते हैं। कोर्ट ने इस पर गंभीरता दिखाई। ये बहस पुरानी है, लेकिन अब टर्निंग पॉइंट आ गया लगता है।

कोर्ट का हालिया स्टैंड

पिछले साल अगस्त में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा कदम उठाया। 7 जजों की बेंच ने कहा कि राज्य SC-ST कोटे में सब-कैटेगरी बना सकते हैं। मतलब, ज्यादा पिछड़े समूहों को ज्यादा हिस्सा। जस्टिस बीआर गवई ने साफ कहा – क्रीमी लेयर की पहचान करो और उन्हें आरक्षण से बाहर रखो। ये 20 साल पुराने फैसले को पलटने जैसा था। राज्यों को पॉलिसी बनाने की छूट मिली।

केंद्र सरकार का विरोध

लेकिन केंद्र सरकार ने साफ मना कर दिया। 9 अगस्त 2024 को कैबिनेट ने फैसला लिया कि SC-ST आरक्षण में क्रीमी लेयर नहीं चलेगा। मंत्री अश्विनी वैष्णव बोले, “अंबेडकर जी के संविधान में ऐसा प्रावधान नहीं। हम इससे बंधे हैं।” OBC में क्रीमी लेयर है, लेकिन SC-ST में नहीं। सरकार का तर्क – आरक्षण जाति आधारित है, आर्थिक नहीं। अब कोर्ट ये सुलझाएगा।

क्या होगा असर? दोनों तरफ की बात

अगर क्रीमी लेयर हटी, तो गरीब SC-ST को ज्यादा मौके मिलेंगे। लेकिन विरोधी कहते हैं – ये जातिगत भेदभाव बढ़ाएगा। सब-कैटेगरी से इंसाफ होगा, जैसा कोर्ट ने कहा। लाखों युवा SSC, UPSC जैसी परीक्षाओं में इंतजार कर रहे। एक SC एक्टिविस्ट ने कहा, “गरीब भाई को हिस्सा मिलना चाहिए, अमीर को नहीं।” दूसरी तरफ, सरकार चुप नहीं रहेगी।

आगे की राह – फैसले का इंतजार

चार हफ्ते में जवाब आएंगे, फिर सुनवाई। कोर्ट शायद गाइडलाइंस दे। ये केस संविधान की आत्मा छुएगा। बाबासाहेब का सपना सबका उत्थान था। उम्मीद है, इंसाफ होगा। आप क्या सोचते हैं – क्रीमी लेयर जरूरी है या नहीं? ये बहस देश को नई दिशा देगी।

Author
Pinki

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