
राष्ट्र की सुरक्षा और सीमाओं की संप्रभुता को सर्वोपरि रखते हुए भारतीय सेना ने अपने जवानों और अधिकारियों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर बेहद कड़े निर्देश जारी किए हैं, सेना ने स्पष्ट कर दिया है कि देश की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी कड़ी में जवानों के इंस्टाग्राम, फेसबुक और अन्य कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।
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ऑपरेशनल सिक्योरिटी (OPSEC) के लिए बड़ा कदम
सैन्य सूत्रों के अनुसार, यह निर्णय मुख्य रूप से ‘ऑपरेशनल सिक्योरिटी’ को बनाए रखने के लिए लिया गया है। अक्सर देखा गया है कि सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीरों या वीडियो से अनजाने में संवेदनशील सैन्य ठिकानों की लोकेशन और हथियारों की जानकारी दुश्मन देशों तक पहुँच जाती है। इसे रोकने के लिए सेना ने इंस्टाग्राम सहित 89 मोबाइल ऐप्स को प्रतिबंधित कर दिया है।
रील्स बनाने और यूनिफॉर्म के प्रदर्शन पर रोक
पिछले कुछ समय में जवानों द्वारा वर्दी में इंस्टाग्राम रील्स बनाने के बढ़ते चलन को सेना ने अनुशासनहीनता की श्रेणी में रखा है। नए नियमों के मुताबिक, कोई भी सैन्यकर्मी वर्दी में वीडियो या फोटो सोशल मीडिया पर साझा नहीं कर सकेगा। सेना का मानना है कि वर्दी की गरिमा और सुरक्षा प्रोटोकॉल को बनाए रखना प्रत्येक सैनिक का प्राथमिक कर्तव्य है।
हनी ट्रैप और डिजिटल जासूसी का खतरा
खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार, विदेशी जासूसी एजेंसियां सोशल मीडिया के जरिए भारतीय जवानों को ‘हनी ट्रैप’ में फंसाने की कोशिश करती रहती हैं। इन डिजिटल खतरों से जवानों को बचाने के लिए सेना ने स्मार्टफोन के इस्तेमाल को लेकर नई गाइडलाइन्स जारी की हैं। सैनिकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने फोन से प्रतिबंधित ऐप्स तुरंत हटा दें।
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कड़े नियमों का उल्लंघन पड़ेगा भारी
भारतीय सेना ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी जवान इन नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ सैन्य कानून के तहत सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, इसमें कोर्ट मार्शल तक का प्रावधान शामिल है। सेना अब समय-समय पर डिवाइस की जांच और डिजिटल ऑडिट भी करेगी ताकि सूचनाओं की गोपनीयता सुनिश्चित की जा सके।
जवानों को इस संबंध में जागरूक करने के लिए विभिन्न रेजिमेंट्स में विशेष सत्र भी आयोजित किए जा रहे हैं।

















