फरवरी से बदल जाएगा राशन का कोटा! अब मिलेगा 3 किलो चावल और 2 किलो गेहूं; केंद्र सरकार ने जारी किया नया अनुपात।

केंद्र सरकार ने राशन वितरण का नया मानक जारी किया। अब चावल और गेहूं का अनुपात बदला गया है। पढ़िए कैसे फरवरी से इस बदलाव का सीधा असर हर राशन कार्डधारक के घर तक पहुंचने वाले राशन पर होगा।

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फरवरी से बदल जाएगा राशन का कोटा! अब मिलेगा 3 किलो चावल और 2 किलो गेहूं; केंद्र सरकार ने जारी किया नया अनुपात।
फरवरी से बदल जाएगा राशन का कोटा! अब मिलेगा 3 किलो चावल और 2 किलो गेहूं; केंद्र सरकार ने जारी किया नया अनुपात।

चावल की कालाबाजारी (Rice Black Marketing) और राशन वितरण में व्यावहारिकता लाने के लिए उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) सरकार ने खाद्यान्न वितरण का नया मानक लागू करने का निर्णय लिया है। सरकार ने आगरा और अलीगढ़ मंडल के सभी जिलों में राशन वितरण का मात्रा मानक बदल दिया है। अब प्रत्येक यूनिट (Unit) को 3 किलो गेहूं (Wheat) और 2 किलो चावल (Rice) दिया जाएगा। यह नई व्यवस्था फरवरी (February) महीने से लागू होगी।

जिला पूर्ति अधिकारी (District Supply Officer) स्वीटी कुमारी ने बताया कि इस बदलाव का उद्देश्य चावल की कालाबाजारी को रोकना और राशन वितरण को वास्तविक खपत के अनुसार व्यवस्थित करना है।

चावल की कालाबाजारी और उसके पीछे की वजह

आगरा-अलीगढ़ मंडल में पहले चावल की अवैध बिक्री (Illegal Sale of Rice) और भंडारण की कई घटनाएं सामने आती रही हैं। आढ़तिया (Middlemen) कम दाम में चावल खरीदकर बाजार में अधिक दाम पर बेचते हैं। इसके मुख्य कारणों में यह है कि क्षेत्र के लोग गेहूं की रोटी (Wheat Roti) की तुलना में चावल कम मात्रा में खाते हैं।

इस वजह से बड़ी संख्या में राशन कार्डधारक (Ration Card Holders) चावल को बेचते हैं। अक्सर साइकिल या ई-रिक्शा (E-Rickshaw) पर चावल लेकर आढ़तियों को बेच दिया जाता है। इससे सरकार की योजना और राशन वितरण का उद्देश्य प्रभावित होता रहा।

नई राशन वितरण व्यवस्था

उत्तर प्रदेश सरकार ने क्षेत्र की खपत (Consumption) को ध्यान में रखते हुए राशन वितरण का नया मानक तय किया है।

  • आगरा और अलीगढ़ मंडल: अब प्रति यूनिट 3 किलो गेहूं और 2 किलो चावल दिया जाएगा।
  • अंत्योदय कार्डधारक (Antyodaya Card Holders): अब पहले 14 किलो गेहूं और 14 किलो चावल की बजाय, 21 किलो गेहूं और 14 किलो चावल मिलेगा।

सरकार ने यह निर्णय 14 जनवरी को अपर आयुक्त खाद्य और रसद विभाग (Deputy Commissioner, Food & Logistics Department) द्वारा जारी आदेश के माध्यम से लिया।

जिला पूर्ति अधिकारी स्वीटी कुमारी ने सभी राशन डीलरों (Ration Dealers) को निर्देश दिए हैं कि फरवरी से सभी कार्डधारकों को नए मानक के अनुसार राशन उपलब्ध कराया जाए।

राशन वितरण में व्यावहारिक बदलाव

इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य राशन वितरण में वास्तविक खपत को ध्यान में रखना और कालाबाजारी की घटनाओं को रोकना है। अब प्रत्येक यूनिट को दी जाने वाली गेहूं और चावल की मात्रा इस प्रकार है कि घरों में भंडारण कम होगा और बाजार में अवैध बिक्री के लिए उपलब्ध मात्रा भी सीमित होगी।

विशेष रूप से आगरा, अलीगढ़, मेरठ (Meerut) और सहारनपुर (Saharanpur) मंडल में यह व्यवस्था लागू की जाएगी। यह कदम सरकार की खाद्य सुरक्षा (Food Security) योजना को मजबूत करने की दिशा में एक अहम प्रयास माना जा रहा है।

सरकार की प्रतिक्रिया और भविष्य की योजना

स्वीटी कुमारी के अनुसार, “सरकार ने क्षेत्रीय खपत का अध्ययन किया और इसे ध्यान में रखते हुए राशन वितरण का नया मानक बनाया। इसका उद्देश्य न केवल चावल की कालाबाजारी रोकना है बल्कि अंत्योदय और अन्य कार्डधारकों तक राशन का सही वितरण सुनिश्चित करना भी है।”

साथ ही यह भी कहा गया कि इस नई व्यवस्था से आढ़तियों और अवैध व्यापारियों के हाथ से चावल की मात्रा कम हो जाएगी और राशन वितरण प्रणाली अधिक पारदर्शी (Transparent) और प्रभावी बनेगी।

नतीजा

  • चावल की कालाबाजारी पर रोक।
  • राशन वितरण प्रणाली अधिक व्यावहारिक।
  • अंत्योदय कार्डधारकों को अधिक गेहूं उपलब्ध।
  • आढ़तियों द्वारा अवैध बिक्री में कमी।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था फरवरी से पूरे आगरा-अलीगढ़ मंडल में लागू होगी और सभी राशन डीलरों को इसका पालन अनिवार्य है।

Author
Pinki

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