
साल 2026 में शब-ए-बारात और रमज़ान की तारीखों को लेकर तैयारियां और चर्चाएं अभी से शुरू हो गई हैं, इस्लामिक कैलेंडर और चांद की गणना के आधार पर भारत में इन त्योहारों की संभावित तिथियां इस प्रकार हैं।
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शब-ए-बारात 2026: कब है ‘माफी की रात’?
भारत में शब-ए-बारात 3 फरवरी 2026 (मंगलवार) की शाम से शुरू होकर 4 फरवरी 2026 (बुधवार) की सुबह तक मनाई जाएगी।
- इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार, शाबान महीने की 15वीं रात को ‘शब-ए-बारात’ कहा जाता है। इसे ‘बरात की रात’ या ‘नजात की रात’ भी कहते हैं, जिसमें मुस्लिम समुदाय के लोग रात भर जागकर अल्लाह से अपने गुनाहों की तौबा करते हैं।
- आधिकारिक तारीख शाबान का चांद दिखने के बाद ही तय होगी, लेकिन खगोलीय गणनाओं के अनुसार 3 और 4 फरवरी की दरमियानी रात सबसे सटीक मानी जा रही है।
रमज़ान 2026 की शुरुआत
शब-ए-बारात के ठीक 15 दिनों बाद इस्लाम का सबसे पवित्र महीना ‘रमज़ान’ शुरू होता है।
- संभावित तारीख: भारत में पहला रोज़ा 19 फरवरी 2026 (गुरुवार) को होने की प्रबल संभावना है。
- सहरी और इफ्तार: रमज़ान के दौरान रोज़ेदार सुबह सूरज निकलने से पहले (सहरी) और शाम को सूर्यास्त के बाद (इफ्तार) भोजन करते हैं। 2026 में रमज़ान का महीना फरवरी के अंत और मार्च के मध्य तक चलेगा।
ईद-उल-फितर 2026 (मीठी ईद)
रमज़ान के 29 या 30 दिनों के रोज़ों के बाद शव्वाल महीने का चांद दिखने पर ईद मनाई जाती है।
- तारीख: भारत में ईद-उल-फितर 20 या 21 मार्च 2026 को मनाई जा सकती है。
- तैयारियां: यदि रमज़ान 30 दिनों का होता है, तो ईद 21 मार्च (शनिवार) को होने की उम्मीद है।
इस्लामिक त्योहार पूरी तरह से चंद्र दर्शन (Moon Sighting) पर आधारित होते हैं, इसलिए स्थानीय हिलाल कमेटियों द्वारा चांद की पुष्टि होने पर इन तारीखों में एक दिन का बदलाव संभव है।

















