
पीएम आवास योजना (PMAY) में धोखाधड़ी के मामलों को लेकर सरकार सख्त हो गई है, जिसके चलते अपात्र लाभार्थियों पर गाज गिरने लगी है, केंद्र सरकार के निर्देश पर राज्य सरकारों ने ऐसे लोगों से ब्याज सहित पूरी सहायता राशि वापस लेने के लिए बड़े पैमाने पर जांच और वसूली अभियान शुरु किया है।
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पीएम आवास योजना: अपात्र लाभार्थियों से होगी वसूली, जांच शुरू
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी और ग्रामीण) का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और निम्न आय वर्ग के परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराना है। हालांकि, जांच में सामने आया है कि कई लोगों ने नियमों का उल्लंघन कर और फर्जी दस्तावेज के सहारे योजना का लाभ उठाया है।
मुख्य कार्रवाई बिंदु
- स्थानीय निकाय और शहरी विकास एजेंसियां लाभार्थियों की पात्रता की दोबारा जांच कर रही हैं।
- अपात्र पाए गए लोगों को नोटिस भेजे जा रहे हैं।
- राशि वापस न करने पर राजस्व विभाग द्वारा रिकवरी सर्टिफिकेट (RC) जारी किए जाएंगे, जिसके तहत कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
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इन श्रेणियों के लाभार्थियों पर होगी कार्रवाई
सरकार उन सभी लोगों से सख्ती से निपटेगी, जिन्होंने निर्धारित मानदंडों को पूरा नहीं किया है।
- योजना के नियमों के अनुसार, यदि लाभार्थी या उसके परिवार के किसी सदस्य के पास देशभर में कहीं भी पक्का मकान है, तो वह योजना के लिए अपात्र माना जाता है, ऐसे मामलों में सबसे ज्यादा वसूली की जा रही है।
- आय सीमा का उल्लंघन करने वालों ने गलत या जाली आय प्रमाण पत्र जमा किए, जिससे वे गलत आय वर्ग में शामिल हो गए।
- आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र या बैंक खातों से संबंधित दस्तावेजों में हेरफेर कर लाभ लेने वालों की पहचान की जा रही है।
- कुछ मामले ऐसे भी सामने आए हैं, जहां लाभार्थियों ने घर बनाने के लिए मिली पहली या दूसरी किस्त की राशि का उपयोग किसी अन्य कार्य में कर लिया और निर्माण कार्य शुरु नहीं किया।
यह अभियान सुनिश्चित करेगा कि सार्वजनिक धन का दुरुपयोग न हो और वास्तविक जरुरतमंदों को ही योजना का लाभ मिल सके।

















