क्या आपका स्मार्टफोन भी ‘एक्सपायर’ हो गया? सेटिंग्स में छिपी है ये तारीख, पता नहीं किया तो खाली हो जाएगा बैंक अकाउंट!

फोन ठीक चल रहा है, लेकिन क्या वह अब भी सुरक्षित है? सेटिंग्स में छिपी एक तारीख तय करती है आपके बैंक अकाउंट की सुरक्षा। देर की तो डेटा चोरी और ऑनलाइन फ्रॉड का खतरा बढ़ सकता है।

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क्या आपका स्मार्टफोन भी 'एक्सपायर' हो गया? सेटिंग्स में छिपी है ये तारीख, पता नहीं किया तो खाली हो जाएगा बैंक अकाउंट!
क्या आपका स्मार्टफोन भी ‘एक्सपायर’ हो गया? सेटिंग्स में छिपी है ये तारीख, पता नहीं किया तो खाली हो जाएगा बैंक अकाउंट!

आज के डिजिटल युग में स्मार्टफोन (Smartphone) केवल कॉल या मैसेज तक सीमित नहीं रहा। बैंकिंग-Banking, ऑनलाइन पेमेंट-Digital Payment, पढ़ाई-Online Education, ऑफिस वर्क-Work From Home, सोशल मीडिया-Social Media और एंटरटेनमेंट-Entertainment, हर जरूरी काम इसी एक डिवाइस पर निर्भर है। सुबह आंख खुलते ही नोटिफिकेशन चेक करने से लेकर रात को सोने से पहले अलार्म लगाने तक, फोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है।

ऐसे में अगर आपका फोन सुरक्षित (Secure) न रहे या धीरे-धीरे कमजोर हो जाए, तो इसका असर सिर्फ तकनीकी नहीं बल्कि आर्थिक (Financial Loss) भी हो सकता है। बहुत कम यूजर्स जानते हैं कि स्मार्टफोन की भी एक तरह की एक्सपायरी डेट-Phone Expiry Date होती है।

क्या होती है स्मार्टफोन की एक्सपायरी डेट?

स्मार्टफोन की एक्सपायरी डेट किसी खाने-पीने की चीज की तरह बॉक्स पर छपी हुई नहीं होती। दरअसल, यह फोन बनाने वाली कंपनी (Smartphone Company) के सॉफ्टवेयर सपोर्ट-Software Support से जुड़ी होती है।

हर मोबाइल ब्रांड अपने डिवाइस को एक तय समय तक ही ऑपरेटिंग सिस्टम अपडेट-OS Update और सिक्योरिटी पैच-Security Patch उपलब्ध कराता है। आमतौर पर यह अवधि 2 से 4 साल की होती है। हालांकि, कुछ प्रीमियम ब्रांड इससे ज्यादा समय तक अपडेट देते हैं।

जिस दिन कंपनी आपके फोन मॉडल के लिए सिक्योरिटी अपडेट देना बंद कर देती है, उसी दिन से वह फोन टेक्निकली एक्सपायर-Technically Expired माना जाता है। इसका मतलब यह नहीं कि फोन अचानक बंद हो जाएगा, बल्कि यह कि वह अब सुरक्षित और पूरी तरह अपडेटेड नहीं रहेगा।

एक्सपायर फोन क्यों बन सकता है खतरा?

जब किसी स्मार्टफोन को सिक्योरिटी पैच मिलना बंद हो जाता है, तो सबसे बड़ा खतरा उसकी सुरक्षा पर आता है। ऐसे फोन पर:

  • हैकिंग-Hacking का खतरा बढ़ जाता है
  • पर्सनल डेटा-Data Leak की संभावना रहती है
  • बैंकिंग ऐप्स-Banking Apps असुरक्षित हो सकती हैं
  • ऑनलाइन पेमेंट-Financial Fraud का रिस्क बढ़ता है

इसके अलावा, समय के साथ फोन की परफॉर्मेंस भी गिरने लगती है। डिवाइस स्लो हो जाता है, नई ऐप्स ठीक से काम नहीं करतीं और बार-बार हैंग या क्रैश की समस्या सामने आने लगती है।

कई मामलों में UPI, मोबाइल बैंकिंग और डिजिटल वॉलेट ऐप्स पुराने सॉफ्टवेयर पर चलना भी बंद कर देती हैं, जिससे रोजमर्रा के काम प्रभावित होते हैं।

मैन्युफैक्चरिंग डेट से कैसे लगाएं अंदाजा?

फोन की एक्सपायरी को समझने के लिए उसकी मैन्युफैक्चरिंग डेट-Manufacturing Date जानना भी जरूरी है। यह जानकारी आपको:

  • फोन के बॉक्स पर
  • डिवाइस की सेटिंग्स-Settings में
  • About Phone सेक्शन में

मिल सकती है। अगर आपका फोन 4-5 साल पुराना है और लंबे समय से कोई सिक्योरिटी अपडेट नहीं आया, तो समझ लीजिए कि वह अपनी सुरक्षित उम्र पूरी कर चुका है।

कैसे करें खुद फोन की एक्सपायरी डेट चेक?

अगर आप जानना चाहते हैं कि आपका स्मार्टफोन एक्सपायर हो चुका है या नहीं, तो इसके लिए कुछ आसान स्टेप्स अपनाएं:

  1. Settings में जाएं
  2. Software Update / Security Update सेक्शन खोलें
  3. आखिरी बार कब सिक्योरिटी पैच मिला, इसकी तारीख देखें
  4. फोन कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर अपने मॉडल का अपडेट सपोर्ट स्टेटस चेक करें

अगर कई महीनों या सालों से कोई अपडेट नहीं मिला है, तो यह साफ संकेत है कि फोन अब सिक्योर नहीं रहा।

एक्सपायर फोन इस्तेमाल करना कितना सही?

एक्सपायर स्मार्टफोन को इस्तेमाल करना पूरी तरह गलत नहीं है, लेकिन उस पर बैंकिंग, निवेश-Investment, ऑनलाइन शॉपिंग-Online Shopping या संवेदनशील डेटा से जुड़े काम करना जोखिम भरा हो सकता है।

विशेषज्ञों की मानें तो जैसे ही फोन का सिक्योरिटी सपोर्ट खत्म हो जाए, यूजर को या तो नया फोन लेने पर विचार करना चाहिए या फिर पुराने फोन का इस्तेमाल सीमित कर देना चाहिए।

Author
Pinki

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