
अगर आपके पास भी एक से अधिक बैंक खाते हैं या आपने लंबे समय से अपने पुराने खाते में कोई लेन-देन नहीं किया है, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की नई गाइडलाइंस के मुताबिक, बैंकिंग सिस्टम को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए साल 2026 तक विशेष अभियान चलाकर तीन श्रेणियों वाले बैंक खातों को बंद या फ्रीज किया जा सकता है।
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2 साल से अधिक निष्क्रिय (Inoperative) खाते
RBI के नियमों के अनुसार, यदि किसी बचत या चालू खाते में लगातार 2 वर्ष तक ग्राहक की ओर से कोई ट्रांजेक्शन (जमा या निकासी) नहीं की जाती है, तो उसे ‘इनऑपरेटिव’ माना जाता है। 2026 तक बैंकों को ऐसे खातों की पहचान कर उन्हें स्थायी रूप से बंद करने या ‘अनक्लेम्ड डिपॉजिट’ (Unclaimed Deposit) श्रेणी में डालने का निर्देश दिया गया है।
अधूरे KYC वाले बैंक खाते
डिजिटल धोखाधड़ी पर लगाम लगाने के लिए RBI अब KYC (Know Your Customer) नियमों पर बेहद सख्त है, जिन ग्राहकों ने बार-बार रिमाइंडर मिलने के बाद भी अपना री-केवाईसी (Re-KYC) अपडेट नहीं कराया है, उनके खातों को फ्रीज किया जा सकता है, 2026 तक बैंक ऐसे सभी खातों की समीक्षा पूरी कर लेंगे जिनमें आधार, पैन या ताजा फोटो अपडेटेड नहीं है।
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संदिग्ध और जीरो बैलेंस खाते
ऐसे खाते जो लंबे समय से न्यूनतम बैलेंस (Minimum Balance) न होने के कारण निष्क्रिय पड़े हैं या जिनमें अचानक संदिग्ध बड़ी राशि का ट्रांजेक्शन देखा जाता है, वे अब रडार पर हैं, बैंकिंग रेगुलेटर के अनुसार, साइबर अपराधों में अक्सर ऐसे ‘सोए हुए’ (Dormant) खातों का इस्तेमाल होता है, इसलिए इन्हें बंद करने की तैयारी है।
ग्राहक क्या करें?
अपने खाते को बंद होने से बचाने के लिए आप RBI की आधिकारिक वेबसाइट पर दिशा-निर्देश देख सकते हैं या निम्नलिखित कदम उठाएं:
- लेन-देन सक्रिय रखें: अपने निष्क्रिय खाते से कम से कम एक बार निकासी या जमा (UPI के जरिए भी संभव) जरूर करें।
- KYC अपडेट कराएं: बैंक जाकर या मोबाइल बैंकिंग ऐप के जरिए सुनिश्चित करें कि आपका KYC पूर्ण है।
- अनावश्यक खाते बंद करें: यदि आपके पास कई ऐसे खाते हैं जिनका आप उपयोग नहीं करते, तो उन्हें स्वयं जाकर बंद करा देना ही बेहतर विकल्प है।
आरबीआई का यह कदम बैंकिंग प्रणाली से ‘घोस्ट अकाउंट्स’ को हटाने और ग्राहकों के पैसे को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से उठाया गया है, समय रहते कदम न उठाने पर आपको भविष्य में भारी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।

















