
उत्तर प्रदेश में रोड कनेक्टिविटी के क्षेत्र में एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है। राज्य सरकार ने गंगा एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए एक नया लिंक एक्सप्रेसवे बनाने की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। यह लिंक सड़क न केवल राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर नेटवर्क को मजबूत करेगी, बल्कि दिल्ली, नोएडा, आगरा और बुलंदशहर जैसे प्रमुख शहरों के बीच सफर को और भी आसान बना देगी।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना को उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीEDA) पूरा करेगा। इसके लिए जमीन अधिग्रहण का काम लगभग तय चरण में पहुंच चुका है। खबर है कि जनवरी 2026 से जमीन खरीदने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
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इतना होगा एक्सप्रेसवे का विस्तार
यह लिंक एक्सप्रेसवे लगभग 74 किलोमीटर लंबा होगा। इसका निर्माण बुलंदशहर जिले के सियाना क्षेत्र से शुरू होकर ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-21 फिल्म सिटी के निकट यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा। करीब 20 किलोमीटर हिस्सा यीडा (Yamuna Expressway Industrial Development Authority) क्षेत्र में आएगा, जिसमें से 9 किलोमीटर एलीवेटेड रोड होगी। इससे ट्रैफिक का प्रवाह स्मूथ रहेगा और आसपास की बसावट को न्यूनतम नुकसान पहुंचेगा।
जमीन अधिग्रहण का काम शुरू
यूपीडा और यीडा ने लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 16 गांवों में लगभग 740 एकड़ जमीन चिन्हित की है। सर्वे का काम लगभग पूरा हो चुका है, और अब जनवरी में जमीन खरीदने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
पूरे प्रोजेक्ट में 56 गांवों की जमीन आएगी, जिनमें से 8 गांव गौतमबुद्ध नगर जिले में हैं और 48 गांव बुलंदशहर जिले में। जमीन अधिग्रहण किसान और प्राधिकरण की आपसी सहमति से किया जाएगा। इसके लिए यमुना प्राधिकरण और स्थानीय किसानों की बैठकें भी शुरू होने जा रही हैं। परियोजना की कुल लागत करीब ₹4000 करोड़ रुपये आंकी गई है, जिसमें से लगभग ₹1200 करोड़ रुपये केवल जमीन खरीद पर खर्च होंगे।
क्षेत्रीय विकास को मिलेगा बढ़ावा
यह नया लिंक एक्सप्रेसवे केवल दो मेगा एक्सप्रेसवों को जोड़ने का काम नहीं करेगा, बल्कि यह आसपास के इलाकों के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी गति देगा। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, आगरा और मुंबई के बीच यात्रा करना न सिर्फ आसान होगा बल्कि समय की भी बड़ी बचत होगी। इसके साथ ही यह नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) तक सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगा, जो राज्य के ट्रांसपोर्ट और व्यापारिक नेटवर्क को नया आयाम देगा।
यात्रियों के अलावा उद्योगों को भी इससे बड़ा फायदा मिलेगा। जेवर एयरपोर्ट के आसपास बनने वाले लॉजिस्टिक्स और मैन्युफैक्चरिंग हब्स को बेहतर रोड एक्सेस मिलेगा, जिससे माल ढुलाई और एक्सपोर्ट गतिविधियों में तेजी आएगी।
स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर की दिशा में कदम
यूपीडा इस परियोजना को मॉडर्न इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ विकसित करने की योजना बना रहा है। प्रस्ताव है कि एक्सप्रेसवे पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक सिस्टम (ITS) लगाया जाएगा, जो किसी भी जाम, दुर्घटना या तकनीकी समस्या की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग करेगा। साथ ही रोड के किनारे इको-फ्रेंडली ड्रेनेज सिस्टम, सोलर लाइटिंग, और ग्रीन बेल्ट डेवलपमेंट भी शामिल किया जाएगा, जिससे यह हाईवे केवल तेज गति वाला मार्ग ही नहीं बल्कि पर्यावरण के अनुकूल भी बनेगा।
किसानों और यात्रियों दोनों के लिए फायदेमंद
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जमीन खरीद प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और मुआवजा-केंद्रित होगी। किसानों को उनकी जमीन का उचित मूल्य और वैकल्पिक सुविधाएं प्रदान करने का प्रयास किया जाएगा। वहीं, जिन गांवों से एक्सप्रेसवे गुज़रेगा, वहां मूलभूत सुविधाओं जैसे सड़क, बिजली और जल निकासी व्यवस्था में भी सुधार की योजना है। यह लिंक न केवल दो हाईवे जोड़ने वाला प्रोजेक्ट होगा, बल्कि यह रोजगार, बिजनेस अपॉर्च्युनिटीज़ और रियल एस्टेट ग्रोथ को भी बढ़ावा देगा।

















