
उत्तर प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में बीएड अर्हता के आधार पर चयनित 32,106 सहायक अध्यापकों ने नौकरी बरकरार रखने के लिए राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS) के 6 महीने के ब्रिज कोर्स के लिए पंजीकरण कराया है, 25 दिसंबर 2025 तक देश भर से आए कुल 56,072 आवेदनों में से 50% से अधिक अकेले यूपी से हैं, इनमें अधिकांश शिक्षक 69,000 सहायक अध्यापक भर्ती के तहत नियुक्त हुए थे।
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आवेदन की समय-सीमा बढ़ी
एनआईओएस मुख्यालय के अनुसार, आवेदन की अंतिम तिथि 25 दिसंबर 2025 से बढ़ाकर अब 19 जनवरी 2026 कर दी गई है। पात्र शिक्षक अब NIOS ब्रिज कोर्स पोर्टल पर पंजीकरण कर सकते हैं।
पास होने के लिए ‘कटऑफ’ और मानक
शिक्षकों को इस कोर्स में सफल होने के लिए कड़े मानकों को पूरा करना होगा:
- न्यूनतम उत्तीर्ण अंक: परीक्षा और असाइनमेंट को मिलाकर समग्र रूप से 50% अंक प्राप्त करना अनिवार्य है।
- थ्योरी परीक्षा: लिखित परीक्षा (Theory) में कम से कम 40% अंक लाना आवश्यक है।
- प्रैक्टिकल/इंटरनल: प्रयोगात्मक कार्य और असाइनमेंट (TMA) में न्यूनतम 50% अंक अनिवार्य हैं।
- एक ही प्रयास की शर्त: शिक्षकों को कोर्स शुरू होने के एक वर्ष के भीतर इसे एक ही प्रयास में पूरा करना होगा। यदि कोई शिक्षक इसमें विफल रहता है, तो सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार उसकी नियुक्ति अमान्य हो जाएगी।
क्यों अनिवार्य है यह कोर्स?
सुप्रीम कोर्ट के 8 अप्रैल 2024 के फैसले के अनुपालन में यह कोर्स उन शिक्षकों के लिए आवश्यक है जिनकी नियुक्ति 28 जून 2018 और 11 अगस्त 2023 के बीच बीएड डिग्री के आधार पर हुई थी, इस कोर्स को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) ने 2 जुलाई 2025 को आधिकारिक मान्यता दी थी।

















