
उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश की मेधावी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की बेटियों के लिए ‘नंदा गौरा योजना 2026’ के तहत आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है, इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाली छात्राओं को ₹51,000 की एकमुश्त वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। सरकार का लक्ष्य इस राशि के माध्यम से छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना और राज्य में बाल विवाह जैसी कुरीतियों पर लगाम लगाना है।
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किसे मिलेगा लाभ? पात्रता के कड़े मानक
योजना का लाभ लेने के लिए सरकार ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
- आवेदन करने वाली छात्रा उत्तराखंड की स्थायी निवासी होनी चाहिए।
- परिवार की वार्षिक आय ₹72,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए (ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लिए)।
- छात्रा ने मान्यता प्राप्त बोर्ड से सत्र 2025-26 में 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की हो।
- आवेदक छात्रा का अविवाहित होना अनिवार्य है। साथ ही, एक परिवार की अधिकतम दो बेटियां ही इस योजना का लाभ उठा सकती हैं।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
पात्र छात्राओं को पोर्टल पर आवेदन करते समय निम्नलिखित दस्तावेज अपलोड करने होंगे:
- आधार कार्ड और पासपोर्ट साइज फोटो।
- 12वीं की मार्कशीट।
- सक्षम अधिकारी द्वारा जारी स्थायी निवास और आय प्रमाण पत्र।
- छात्रा के नाम से सक्रिय बैंक खाते की पासबुक।
कैसे करें ऑनलाइन आवेदन?
इच्छुक छात्राएं महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की आधिकारिक वेबसाइट nandagaura.uk.gov.in पर जाकर अपना पंजीकरण कर सकती हैं, पोर्टल पर आवेदन पत्र भरने के बाद उसकी एक प्रति संबंधित आंगनवाड़ी केंद्र या बाल विकास परियोजना कार्यालय (CDPO) में जमा करनी होगी।
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सरकार की पहल से बढ़ेगी उच्च शिक्षा
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, यह योजना बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। 12वीं के बाद अक्सर आर्थिक तंगी के कारण बेटियां पढ़ाई छोड़ देती हैं, लेकिन ₹51,000 की यह प्रोत्साहन राशि उनके कॉलेज की फीस और अन्य शैक्षिक खर्चों में मददगार साबित होगी।

















