
देश में बढ़ते साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी पर लगाम लगाने के लिए बैंकिंग और फिनटेक सेक्टर में एक महत्वपूर्ण और क्रांतिकारी बदलाव लागू किया गया है, दूरसंचार विभाग (DoT) की पहल पर अब सभी डिजिटल वित्तीय सेवा प्रदाताओं के लिए मोबाइल नंबर वैलिडेशन (MNV) यानी मोबाइल नंबर सत्यापन प्रणाली अपनाना अनिवार्य हो गया है, इस कदम का उद्देश्य डिजिटल लेनदेन को अभूतपूर्व प से सुरक्षित बनाना है।
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क्या है यह MNV सिस्टम?
MNV (Mobile Number Validation) एक अत्याधुनिक प्लेटफॉर्म है जो बैंकों, UPI ऐप्स और अन्य वित्तीय संस्थानों को उनके ग्राहकों के मोबाइल नंबर का सीधे टेलीकॉम ऑपरेटरों (जैसे एयरटेल, जियो, वीआई) के डेटाबेस से मिलान करने की सुविधा देता है।
सरल शब्दों में, जब आप कोई डिजिटल लेनदेन करते हैं या बैंक खाता खोलते हैं, तो बैंक अब केवल आपके द्वारा बताए गए नंबर पर भरोसा नहीं करेंगे। वे MNV प्लेटफॉर्म का उपयोग करके यह सुनिश्चित करेंगे कि जिस व्यक्ति के नाम पर बैंक खाता है, उसी के नाम पर वह मोबाइल सिम कार्ड भी पंजीकृत है। यह स्वामित्व की पुष्टि (ownership verification) सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत जोड़ती है।
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हर बैंक खाताधारक के लिए MNV क्यों जरुरी है?
यह नई प्रणाली हर अकाउंट होल्डर के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उन्हें धोखाधड़ी और पहचान की चोरी से बचाता है, इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
- साइबर अपराधी अक्सर “म्यूल अकाउंट्स” (धोखाधड़ी के लिए इस्तेमाल होने वाले खाते) खोलने के लिए फर्जी आईडी पर लिए गए या बेनामी मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करते है, MNV ऐसे खातों की पहचान तत्काल कर उन्हें निष्क्रिय करने में मदद करेगा।
- आज के दौर में मोबाइल नंबर ही आपकी डिजिटल पहचान है। यह सुनिश्चित करता है कि आपके बैंक खाते से जुड़ा नंबर किसी गलत व्यक्ति के पास न हो।
- बैंक लेनदेन के लिए भेजे जाने वाले संवेदनशील OTP (वन-टाइम पासवर्ड) और वित्तीय अलर्ट सही और सत्यापित व्यक्ति तक ही पहुंचेंगे।
- इस मजबूत सत्यापन प्रक्रिया से UPI सहित संपूर्ण डिजिटल भुगतान प्रणाली में उपभोक्ताओं का विश्वास और मजबूत होगा।
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फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं है कि DoT ने इस प्रक्रिया के लिए कोई समय सीमा तय की है या नहीं, लेकिन सभी प्रमुख बैंक और फिनटेक कंपनियां तेजी से इस नए सुरक्षा प्रोटोकॉल को एकीकृत कर रहे हैं। यह कदम भारत के डिजिटल बैंकिंग परिदृश्य में सुरक्षा के लिहाज से एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।

















