
झारखंड में सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों के छात्रों के लिए अब परीक्षा देना पहले से महंगा हो गया है। झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) ने मैट्रिक और इंटर की परीक्षा फीस में लगभग 35 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की है। नई फीस दरें अगले शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू होंगी।
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अब मैट्रिक के छात्रों को कितना देना होगा
नए नियमों के अनुसार, कक्षा 10 यानी मैट्रिक परीक्षा के लिए छात्राओं और एससी, एसटी, बीसी-1 तथा बीसी-2 वर्ग के छात्रों को अब 980 रुपये शुल्क देना होगा। वहीं सामान्य वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के उम्मीदवारों को 1180 रुपये फीस जमा करनी होगी। प्राइवेट उम्मीदवारों के लिए भी शुल्क समान रहेगा, यानी 1180 रुपये। जो छात्र निर्धारित समय सीमा के बाद आवेदन करेंगे, उन्हें सभी वर्गों में 500 रुपये अतिरिक्त लेट फीस का भुगतान करना होगा।
इंटर के छात्रों के लिए भी बढ़ी फीस
इंटरमीडिएट यानी कक्षा 12 के छात्रों के लिए भी फीस में बढ़ोतरी की गई है। अब छात्राओं और एससी, एसटी, बीसी-1 और बीसी-2 वर्ग के विद्यार्थियों को 1100 रुपये देने पड़ेंगे, जबकि सामान्य और EWS श्रेणी के छात्रों को 1400 रुपये देने होंगे। प्राइवेट उम्मीदवारों के लिए भी यह शुल्क समान रहेगा।
JAC ने उन छात्रों की फीस भी बढ़ा दी है, जो अपने रिजल्ट में सुधार के लिए पुनर्परीक्षा (Improvement Exam) देना चाहते हैं या दोबारा परीक्षा में शामिल हो रहे हैं।
आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन
बोर्ड परीक्षा 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। छात्र 18 नवंबर से 5 दिसंबर के बीच बिना लेट फीस के अपना आवेदन ऑनलाइन भर सकते हैं। इसके बाद 6 दिसंबर से 12 दिसंबर तक लेट शुल्क के साथ फॉर्म भरे जा सकेंगे। आवेदन केवल JAC की आधिकारिक वेबसाइट www.jac.jharkhand.gov.in पर ‘Exam Form Portal’ के माध्यम से किया जाएगा।
बढ़ी हुई फीस पर मिली-जुली प्रतिक्रिया
फीस में बढ़ोतरी से कई अभिभावक चिंतित हैं, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के परिवारों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए यह बोझ बढ़ सकता है। दूसरी ओर, अधिकारी मानते हैं कि बढ़ी हुई फीस से परीक्षा प्रबंधन और डिजिटल व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

















