
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के लाभार्थियों के लिए एक बेहद जरूरी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है, ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 17,000 से अधिक लोगों के मुफ्त राशन कार्ड पर तलवार लटक रही है, अगर समय रहते जरुरी कदम नहीं उठाए गए, तो 2026 की नई लाभार्थी सूची से इन लोगों का पत्ता साफ हो सकता है, विभाग ने अपात्रों और अनियमितता बरतने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है।
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क्यों कट रहे हैं नाम?
खाद्य एवं रसद विभाग के सूत्रों के अनुसार, राशन कार्डों के सत्यापन (Verification) के दौरान भारी अनियमितताएं पाई गई हैं, नाम कटने के तीन मुख्य कारण सामने आए हैं:
- हजारों लाभार्थियों ने अब तक अपने राशन कार्ड को आधार से लिंक नहीं कराया है। बिना बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन (e-KYC) के अब राशन मिलना नामुमकिन होगा।
- सरकार उन लोगों की पहचान कर रही है जिनके पास अब पक्का मकान, चार पहिया वाहन या तय सीमा से अधिक कृषि भूमि है। आयकर भरने वाले लोगों को भी इस लिस्ट से बाहर किया जा रहा है।
- जो कार्ड धारक पिछले 6 महीनों से अपनी दुकान से राशन नहीं उठा रहे हैं, विभाग उन्हें ‘निष्क्रिय’ मानकर उनका नाम लिस्ट से हटाने की तैयारी में है।
लिस्ट में नाम बचाए रखने के लिए तुरंत करें ये काम
अगर आप भी इस योजना का लाभ ले रहे हैं और चाहते हैं कि आपका राशन बंद न हो, तो बिना देरी किए निम्नलिखित कदम उठाएं:
- अपने क्षेत्र के सरकारी राशन डीलर (PDS Shop) के पास जाएं और परिवार के सभी सदस्यों का फिंगरप्रिंट अपडेट करवाएं।
- सुनिश्चित करें कि घर के हर सदस्य का आधार नंबर राशन कार्ड से सही-सही जुड़ा हो।
- लाभार्थी अपने राज्य की आधिकारिक खाद्य पोर्टल पर जाकर लिस्ट में अपना नाम चेक कर सकते हैं।
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विभागीय चेतावनी
अधिकारियों का साफ कहना है कि पारदर्शिता लाने के लिए यह छंटनी अभियान चलाया जा रहा है ताकि केवल जरुरतमंदों को ही मुफ्त अनाज मिल सके, जनवरी 2026 तक सभी प्रक्रियाओं को पूरा न करने वालों का नाम स्थायी रूप से काट दिया जाएगा और उनका कोटा बंद कर दिया जाएगा।
किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को राशन कार्ड सुधार के नाम पर पैसा न दें, यह प्रक्रिया सरकारी केंद्रों पर पूरी तरह निःशुल्क या निर्धारित शुल्क पर ही उपलब्ध है।

















