
भारत जैसे कृषि प्रधान देश में खेती से जुड़े व्यवसाय हमेशा मुनाफे का सौदा रहे हैं, अगर आप ग्रामीण या अर्ध-शहरी क्षेत्र में रहकर अपना खुद का व्यवसाय शुरु करना चाहते हैं, तो खाद, बीज और कीटनाशक की दुकान एक बेहतरीन विकल्प है। 2025 में सरकार इन केंद्रों को ‘कृषि जंक्शन’ के रूप में बढ़ावा दे रही है।
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अनिवार्य योग्यता और ट्रेनिंग
खाद-बीज का लाइसेंस पाने के लिए पहले केवल अनुभव काफी था, लेकिन अब नियमों में बदलाव किया गया है:
- आवेदक का कृषि विज्ञान (B.Sc Agriculture) में स्नातक होना या रसायन विज्ञान (Chemistry) के साथ इंटरमीडिएट होना जरुरी है।
- यदि आपके पास कृषि की डिग्री नहीं है, तो घबराने की जरूरत नहीं है, सरकार द्वारा संचालित 15 दिनों से लेकर 1 साल तक के DAESI (Diploma in Agricultural Extension Services for Input Dealers) कोर्स को करके आप लाइसेंस के पात्र बन सकते हैं, इसके लिए अपने जिले के कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) में आवेदन करें।
लाइसेंस के लिए कैसे करें आवेदन?
अब लाइसेंस प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल हो गई है। इच्छुक युवा अपने राज्य के कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल (जैसे उत्तर प्रदेश के लिए upagriculture.com) पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं।
जरुरी दस्तावेज
- आधार कार्ड, पैन कार्ड और पासपोर्ट साइज फोटो।
- दुकान और गोदाम का पता व नक्शा।
- यदि दुकान किराए पर है, तो रेंट एग्रीमेंट।
- शैक्षणिक प्रमाण पत्र या ट्रेनिंग सर्टिफिकेट।
सरकार से लोन और सब्सिडी की सुविधा
पूंजी की कमी को दूर करने के लिए सरकार कई योजनाओं के तहत आर्थिक मदद दे रही है:
- एग्री-क्लीनिक और एग्री-बिजनेस सेंटर (AC&ABC) योजना: इस योजना के तहत व्यक्तिगत उद्यमी को ₹20 लाख तक का लोन मिल सकता है, सबसे खास बात यह है कि इसमें सामान्य वर्ग को 36% और महिलाओं व SC/ST वर्ग को 44% तक की सब्सिडी दी जाती है।
- मुद्रा लोन: बिना गारंटी के फंड के लिए आप प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत ₹10 लाख तक के ऋण के लिए आवेदन कर सकते हैं।
कमाई की संभावनाएं
खाद-बीज की दुकान न केवल उत्पादों की बिक्री का जरिया है, बल्कि आप मिट्टी परीक्षण, फसल सलाह और कृषि उपकरणों को किराए पर देकर भी अतिरिक्त आय कर सकते हैं, सरकार का लक्ष्य है कि इन दुकानों को ‘वन-स्टॉप शॉप’ बनाया जाए, जहाँ किसानों को हर सुविधा एक ही छत के नीचे मिले।
अगर आप सही ट्रेनिंग और सरकारी लाइसेंस के साथ इस क्षेत्र में कदम रखते हैं, तो यह न केवल आपके लिए स्वरोजगार का साधन बनेगा, बल्कि आप किसानों की मदद करके देश की अर्थव्यवस्था में भी योगदान दे सकेंगे, विस्तृत जानकारी के लिए भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की वेबसाइट चेक करें।

















