
राजधानी दिल्ली में अब पेट्रोल और सीएनजी कार खरीदना और चलाना आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है, दिल्ली सरकार अपनी नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी 2.0 के जरिए प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए सख्त कदम उठाने की तैयारी में है, इस नई नीति के तहत जहां पारंपरिक ईंधन वाली गाड़ियों पर अतिरिक्त टैक्स यानी ‘सेस’ लगाने का प्रस्ताव है, वहीं इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए खजाना खोल दिया गया है।
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पेट्रोल और CNG पर ‘ग्रीन सेस’ की मार
दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग द्वारा तैयार किए गए ड्राफ्ट के मुताबिक, प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को हतोत्साहित करने के लिए ‘ग्रीन सेस’ लगाने की योजना है।
- गाड़ियों की खरीद पर सेस: नए पेट्रोल और सीएनजी वाहनों के पंजीकरण पर 1% से 2% तक अतिरिक्त सेस वसूला जा सकता है।
- ईंधन के दामों में बढ़ोत्तरी: प्रस्ताव के अनुसार, पेट्रोल और सीएनजी पर 50 पैसे प्रति लीटर और डीजल पर 1 रुपये प्रति लीटर का अतिरिक्त उपकर (Cess) लगाया जा सकता है। इससे दिल्ली में ईंधन की कीमतें बढ़ना तय माना जा रहा है।
इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए ‘सब्सिडी’ का धमाका
एक तरफ जहां पुरानी तकनीक वाली गाड़ियां महंगी होंगी, वहीं दिल्ली सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने वालों के लिए रेड कार्पेट बिछा रही है।
- भारी वित्तीय सहायता: नई पॉलिसी में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर पर ₹35,000 से ₹40,000 तक की सब्सिडी मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, कमर्शियल और प्राइवेट कारों के लिए भी आकर्षक इंसेंटिव्स का प्रावधान किया गया है।
- जीरो रोड टैक्स: ईवी खरीदारों को रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क में 100% तक की छूट जारी रहने की संभावना है।
- चार्जिंग का जाल: सरकार का लक्ष्य पूरी दिल्ली में चार्जिंग स्टेशनों का नेटवर्क बढ़ाना है, ताकि ईवी यूजर्स को मोबाइल चार्जिंग जितनी आसानी मिले।
भविष्य की तैयारी: कुछ गाड़ियों पर लग सकता है बैन!
सरकार का इरादा भविष्य में दिल्ली को पूरी तरह से क्लीन एनर्जी पर शिफ्ट करना है।
- डेडलाइन: प्रस्तावों के अनुसार, अगस्त 2026 से दिल्ली में पेट्रोल और सीएनजी वाले नए दोपहिया वाहनों के रजिस्ट्रेशन पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है।
- थर्ड कार रुल: दिल्ली के उन परिवारों के लिए भी नया नियम आ सकता है जिनके पास पहले से दो कारें हैं; उन्हें अपनी तीसरी कार अनिवार्य रूप से इलेक्ट्रिक ही लेनी होगी।
दिल्ली सरकार की यह ईवी पॉलिसी 2.0 न केवल शहर की हवा को साफ करने का एक जरिया है, बल्कि यह ऑटोमोबाइल बाजार की दिशा भी बदलने वाला कदम साबित होगी, हालांकि, इन कड़े प्रस्तावों से उन लोगों की चिंता बढ़ गई है जो अभी भी पेट्रोल या सीएनजी कारों पर निर्भर हैं।
नई नीति के बारे में विस्तृत जानकारी और आधिकारिक अपडेट के लिए आप दिल्ली परिवहन विभाग की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं या The Times of India की रिपोर्ट पढ़ सकते हैं।

















