
मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने प्रदेश के किसानों और महिलाओं के लिए सौगातों का पिटारा खोल दिया है, सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘लाड़ली बहना योजना’ की राशि में वृद्धि और किसानों के बिजली बिलों में भारी छूट का ऐतिहासिक ऐलान किया है।
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लाड़ली बहनों के लिए ₹3000 का लक्ष्य
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश की करोड़ों महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए लाड़ली बहना योजना की राशि को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया जा रहा है। वर्तमान में महिलाओं के खाते में ₹1500 की किस्त भेजी जा रही है, जिसे भविष्य में बढ़ाकर ₹3000 प्रति माह किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2028 तक इस वादे को पूर्ण रूप से लागू करना है। हाल ही में दिसंबर 2025 की किस्त का सफल भुगतान भी महिलाओं के खातों में कर दिया गया है।
किसानों को बिजली संकट और बिलों से मुक्ति
अन्नदाताओं को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने बिजली बिलों के निपटारे के लिए ‘समाधान योजना 2025-26’ को प्रभावी ढंग से लागू किया है। इसके तहत:
- सरचार्ज माफी: 3 महीने से अधिक पुराने बिजली बिलों पर लगने वाले ब्याज (सरचार्ज) को 60% से लेकर 100% तक माफ किया जा रहा है।
- सोलर पंप पर 90% सब्सिडी: किसानों को बिजली के भारी बिलों से स्थायी आजादी दिलाने के लिए सरकार 32 लाख किसानों को सोलर पंप मुहैया कराएगी। इस योजना में लागत का 90% हिस्सा सरकार वहन करेगी और किसान को मात्र 10% राशि देनी होगी।
- सिंचाई शुल्क में राहत: प्रदेश के करीब 35 लाख किसानों पर बकाया सिंचाई जल शुल्क के ₹84 करोड़ के दंडात्मक ब्याज को सरकार ने पूरी तरह से माफ कर दिया है।
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मात्र ₹5 में नया बिजली कनेक्शन
ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए सरकार ने ‘सहज सरल बिजली संयोजन योजना’ के तहत नए नियम लागू किए हैं, अब किसान और ग्रामीण परिवार मात्र ₹5 के मामूली शुल्क पर नया बिजली कनेक्शन प्राप्त कर सकते हैं।
सोयाबीन किसानों को बोनस और नई योजनाएं
किसानों के हित में एक और कदम उठाते हुए सरकार ने सोयाबीन के लिए ₹5,328 प्रति क्विंटल का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) सुनिश्चित किया है साथ ही, ‘एक बगिया मां के नाम’ योजना के जरिए फलदार वृक्ष लगाने वाली महिलाओं को तीन साल की अवधि में ₹3 लाख तक की आर्थिक सहायता प्रदान करने का प्रावधान किया गया है।
सरकार के इन फैसलों से प्रदेश के लाखों किसान परिवारों और महिलाओं में हर्ष का माहौल है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन कल्याणकारी योजनाओं से 2025-26 में प्रदेश की विकास दर में सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा।

















