
केंद्र सरकार ने नए साल की शुरुआत के साथ ही लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए पेंशन की राह आसान और अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। जहाँ एक तरफ 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन की सुगराहट तेज हो गई है, वहीं दूसरी तरफ ‘यूनिफाइड पेंशन स्कीम’ (UPS) और महंगाई राहत (DR) को लेकर बड़े अपडेट सामने आए हैं।
यहाँ जानें कि पेंशन के नियमों में क्या-क्या बदलाव हुए हैं और इनका आपकी जेब पर क्या असर पड़ेगा:
Table of Contents
1. महंगाई राहत (DR) में 2% की बढ़ोतरी
जनवरी 2026 से सरकार ने पेंशनभोगियों के लिए महंगाई राहत (Dearness Relief) में 2 प्रतिशत की वृद्धि कर दी है। अब पेंशनभोगियों को उनकी मूल पेंशन पर 60% की दर से महंगाई राहत मिलेगी। यह बढ़ोतरी जनवरी के महीने से ही प्रभावी मानी जाएगी, जिससे पेंशनभोगियों की मासिक आय में इजाफा होगा।
2. यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) का कार्यान्वयन
पेंशन के क्षेत्र में सबसे बड़ा बदलाव Unified Pension Scheme (UPS) के रूप में आया है। अब NPS के स्थान पर कर्मचारियों के पास UPS चुनने का विकल्प है। इसकी मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:
- निश्चित पेंशन: 25 साल की सेवा पूरी करने पर पिछले 12 महीनों के औसत मूल वेतन का 50% पेंशन के रूप में मिलना तय है।
- न्यूनतम पेंशन: कम से कम 10 साल की सेवा के बाद सेवानिवृत्त होने पर 10,000 रुपये की न्यूनतम मासिक पेंशन की गारंटी दी गई है।
- पारिवारिक पेंशन: कर्मचारी की मृत्यु के बाद उसके परिवार को कर्मचारी की पेंशन का 60% हिस्सा आजीवन मिलता रहेगा।
- महंगाई से सुरक्षा: UPS में मिलने वाली पेंशन महंगाई के साथ जुड़ी होगी, यानी जैसे-जैसे महंगाई बढ़ेगी, पेंशन में भी इजाफा होगा।
3. 8वें वेतन आयोग की सुगराहट और पेंशन में उछाल
सरकार ने 8वें वेतन आयोग के गठन को लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी है। उम्मीद है कि इसकी सिफारिशें लागू होने के बाद न्यूनतम पेंशन में भारी बढ़ोतरी होगी। वर्तमान में न्यूनतम पेंशन 9,000 रुपये है, जिसे बढ़ाकर 22,000 रुपये से लेकर 25,000 रुपये तक करने की मांग की जा रही है। अगर फिटमेंट फैक्टर में बदलाव होता है, तो पुरानी पेंशन पाने वाले और नए नियमों के तहत आने वाले सभी कर्मचारियों को बड़ा वित्तीय लाभ मिलेगा।
4. ग्रेच्युटी और अन्य लाभों पर स्पष्टता
डिपार्टमेंट ऑफ पेंशन एंड पेंशनर्स वेलफेयर (DoPPW) ने हाल ही में स्पष्ट किया है कि पुन: नियोजित (Re-employed) कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी की सीमा को भी संशोधित किया गया है। अब सेवा के वर्षों और अंतिम आहरित वेतन के आधार पर मिलने वाले लाभों को अधिक पारदर्शी बनाया जा रहा है, ताकि रिटायरमेंट के समय मिलने वाला एकमुश्त पैसा समय पर मिले।
5. ‘भविष्य’ पोर्टल के जरिए डिजिटल सुविधा
पेंशन प्रक्रिया को और भी सरल बनाने के लिए ‘भविष्य 11.0’ पोर्टल को अपग्रेड किया गया है। अब कर्मचारी अपनी पेंशन की स्थिति, PPO (Pension Payment Order) डाउनलोड करना और लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने जैसी सुविधाएं मोबाइल ऐप के जरिए घर बैठे प्राप्त कर सकते हैं। इससे अब दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी।

















