
बिजली चोरी देशभर में एक गंभीर समस्या रही है, जिससे सरकार और बिजली वितरण कंपनियों को हर साल करोड़ों का नुकसान झेलना पड़ता है। इस समस्या से निपटने के लिए उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) ने एक नई और अभिनव पहल शुरू की है।
अब अगर कोई जिम्मेदार नागरिक बिजली चोरी की सूचना देता है और वह शिकायत सही साबित होती है, तो निगम उसे वसूली गई राशि का 10 प्रतिशत इनाम देगा। यह योजना न केवल लोगों में जिम्मेदारी की भावना बढ़ाएगी, बल्कि बिजली व्यवस्था को पारदर्शी और बेहतर बनाने में भी मदद करेगी।
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कैसे मिलेगा इनाम
निगम ने निर्देश जारी किए हैं कि यदि किसी व्यक्ति की दी गई सूचना के आधार पर किसी क्षेत्र में बिजली चोरी की पुष्टि होती है और चोरी करने वाले से जुर्माना वसूला जाता है, तो शिकायतकर्ता को वसूली की कुल राशि का दस प्रतिशत हिस्सा पुरस्कार के रूप में दिया जाएगा।
यह इनाम सीधे आम नागरिकों के लिए है यानी निगम का कोई कर्मचारी इस योजना का लाभ नहीं उठा सकेगा। साथ ही, इस बात का पूरा ध्यान रखा जाएगा कि शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रहे, ताकि कोई व्यक्ति या संस्था उसे परेशान न कर सके।
शिकायत दर्ज कराने के तरीके
UHBVN ने शिकायत दर्ज कराने के लिए कई माध्यम उपलब्ध कराए हैं, ताकि आम लोग आसानी से सूचना दे सकें। नागरिक निम्न विकल्पों के ज़रिए शिकायत भेज सकते हैं:
- टोल-फ्री नंबर: 1800-180-7332
- व्हाट्सऐप नंबर: 9115151900
- ईमेल: informtheft@uhbvn.org.in
- ऑनलाइन पोर्टल: UHBVN की आधिकारिक वेबसाइट पर
इन माध्यमों के जरिए दी गई हर शिकायत को आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा और एक हफ्ते के भीतर जांच और छापेमारी की जाएगी। पूरा ऑपरेशन संबंधित अधीक्षण अभियंता की निगरानी में संपन्न होगा।
निगम की सख्त चेतावनी
निगम प्रवक्ता ने कहा है कि बिजली चोरी समाज के हितों के खिलाफ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चोरी करने वाले व्यक्तियों या संस्थानों पर न केवल जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि आवश्यक होने पर मौजूदा कानूनी प्रावधानों के तहत एफआईआर दर्ज कर मुकदमा भी चलाया जाएगा।
प्रवक्ता के अनुसार, चोरी के कारण वितरण नेटवर्क पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है, जिससे सही उपभोक्ताओं को लगातार बिजली कटौती और वोल्टेज की समस्या का सामना करना पड़ता है। इसलिए यह जरूरी है कि हर नागरिक इस अभियान में सक्रिय भागीदार बने।
कानून क्या कहता है
बिजली चोरी भारतीय विद्युत अधिनियम, 2003 (Electricity Act, 2003) की धारा 135 के तहत दंडनीय अपराध है।
इस धारा के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति को बिजली चोरी का दोषी पाया जाता है तो उस पर तीन गुना तक का जुर्माना लगाया जा सकता है, और गंभीर मामलों में सजा भी दी जा सकती है। निगम का कहना है कि इस कानूनी ढांचे को मजबूती से लागू करने के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस का भी सहयोग लिया जाएगा।
क्यों बढ़ रही है बिजली चोरी
हरियाणा जैसे औद्योगिक और कृषि प्रधान राज्य में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। कई क्षेत्रों में कुछ लोग मीटर से छेड़छाड़ या अवैध कनेक्शन लेकर बिजली चोरी करते हैं। इससे न केवल आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि वितरण लाइनें भी ओवरलोड हो जाती हैं।
UHBVN ने पिछले साल भी कई जिलों में विशेष अभियान चलाकर सैकड़ों मामलों में कार्रवाई की थी। लेकिन अब निगम चाहता है कि जनता खुद निगरानी की भूमिका निभाए ताकि चोरी की घटनाओं को जड़ से खत्म किया जा सके।

















