भारत की सड़कों पर हर रोज हादसे बढ़ रहे हैं, और इसका बड़ा कारण बिना बीमा के दौड़ते वाहन व असुरक्षित ड्राइविंग। इसे रोकने के लिए सड़क परिवहन मंत्रालय नया प्लान ला रहा है। नए नियमों से ट्रैफिक पुलिस को बिना वैलिड इंश्योरेंस वाले वाहनों को सीधे जब्त करने का हक मिलेगा। साथ ही, अगर किसी का ड्राइविंग लाइसेंस पिछले 3 साल में कैंसल हो चुका है, तो नया लाइसेंस मिलना मुश्किल हो जाएगा।

Table of Contents
राज्यों के साथ बैठक में फैसला
इस हफ्ते मंत्रालय ने सभी राज्यों के ट्रांसपोर्ट मंत्रियों और अधिकारियों की मीटिंग बुलाई। वहां इन बदलावों पर मुहर लगी। IRDAI को अब वाहन की उम्र और ड्राइवर के चालान हिस्ट्री के आधार पर इंश्योरेंस प्रीमियम तय करने का अधिकार मिलेगा। ये धारा 147 में बदलाव से होगा। खासकर दोपहिया वाहनों पर फोकस है, क्योंकि लाखों बाइक बिना कवर के चल रही हैं।
लाइसेंस रिन्यूअल में ड्राइविंग टेस्ट जरूरी
अभी अगर लाइसेंस खत्म होने के एक साल के अंदर रिन्यू करवाते हैं, तो टेस्ट की जरूरत नहीं। लेकिन अब चालान रिकॉर्ड खराब वाले ड्राइवरों को दोबारा टेस्ट देना पड़ेगा। धारा 9 में संशोधन से लाइसेंस रद्द होने वालों पर सख्ती होगी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि 15 साल वैलिड लाइसेंस में चालान तो कटते ही हैं, इसलिए हर रिन्यूअल पर टेस्ट ठीक रहेगा। लेकिन अगर जांच में निर्दोष साबित हो जाएं, तो नया लाइसेंस मिलना चाहिए।
यह भी पढ़ें- Cheque Payment Update: चेक से भुगतान करने वालों के लिए बड़ी खबर, RBI ने बदले नियम
बड़े वाहनों के लिए नई ग्रेडेड सिस्टम
हैवी व्हीकल्स के लिए ग्रेडेड लाइसेंस आएगा। मतलब, ड्राइविंग एक्सपीरियंस और स्किल चेक करके ही लाइसेंस मिलेगा। थर्ड पार्टी इंश्योरेंस को भी बढ़ाया जाएगा – प्राइवेट कारों में ओनर, ड्राइवर और पैसेंजर्स सब कवर होंगे। अभी ये सिर्फ कमर्शियल वाहनों पर है।
मेडिकल चेकअप की उम्र 60 तक बढ़ेगी
लाइसेंस बनवाने या रिन्यू के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट अब 60 साल की उम्र तक जरूरी होगा। पहले ये 40 साल था। इससे सीनियर ड्राइवरों की फिटनेस चेक होगी।
ये बदलाव सड़कों को सुरक्षित बनाने का बड़ा कदम हैं। लेकिन क्या ये लागू होंगे? ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों को अब सोचना पड़ेगा!

















