
भारत में 18 दिसंबर 2025 को सोने की कीमतों में हल्की गिरावट देखने को मिली है। लगातार कई हफ्तों तक रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद, अब गोल्ड मार्केट में थोड़ी नरमी आई है। यही वजह है कि कई निवेशकों और ज्वेलरी खरीदारों के लिए यह दिन खरीदारी का अच्छा अवसर बन गया है।
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MCX पर गोल्ड में आई मामूली गिरावट
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर आज सोने के रेट में लगभग 0.20% से 0.50% तक की गिरावट दर्ज की गई। पिछले दिनों जब कीमतें अपने जीवनकाल के उच्चतम स्तर पर पहुंचीं, तो कई निवेशकों ने मुनाफा वसूली (Profit Booking) शुरू कर दी। इसी वजह से मार्केट में कीमतों पर दबाव बन गया और हल्की गिरावट देखने को मिली।
आज का सोने का भाव (Gold Rate Today)
भारत के प्रमुख शहरों और बाजारों में आज 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने के भाव में मामूली कमी आई है।
- 24 कैरेट सोना (शुद्ध सोना): ₹1,34,200 से ₹1,34,840 प्रति 10 ग्राम
- 22 कैरेट सोना (जेवराती सोना): ₹1,23,017 से ₹1,23,600 प्रति 10 ग्राम
- 18 कैरेट सोना: ₹1,00,650 से ₹1,01,130 प्रति 10 ग्राम के करीब
प्रमुख शहरों में आज का गोल्ड प्राइस
भारत के प्रमुख मेट्रो शहरों में आज सोने के रेट इस तरह रहे:
| शहर | आज का भाव (24 कैरेट/10 ग्राम) |
|---|---|
| दिल्ली | ₹1,34,670 – ₹1,34,990 |
| मुंबई | ₹1,34,840 |
| बेंगलुरु | ₹1,34,840 |
| चेन्नई | ₹1,35,710 |
चेन्नई में दाम थोड़े अधिक हैं क्योंकि दक्षिण भारत में शादी-ब्याह सीजन में हमेशा डिमांड ज्यादा रहती है।
गोल्ड प्राइस में गिरावट की वजह क्या है?
1. मुनाफावसूली का दौर (Profit Booking Phase)
पिछले कुछ हफ्तों में गोल्ड की कीमतों में जबरदस्त तेजी आई थी। कई निवेशकों ने अब अपने पोर्टफोलियो से मुनाफा निकालना शुरू कर दिया है, जिससे मार्केट में थोड़ी सेलिंग नजर आई।
2. अमेरिका के आर्थिक आंकड़ों का असर
अमेरिकी महंगाई (CPI) डेटा आने से पहले वैश्विक बाजारों में सतर्कता का माहौल है। निवेशक अब आगे की दिशा देखने के इंतजार में हैं। यही अनिश्चितता सोने की कीमतों को भी प्रभावित कर रही है।
3. डॉलर में मजबूती
अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में हल्की बढ़त दर्ज की गई है, जिससे सोने की अंतर्राष्ट्रीय कीमतों में नरमी आई है। क्योंकि गोल्ड की कीमत डॉलर में तय होती है, इसलिए डॉलर के मजबूत होने पर सोने की कीमत आमतौर पर घटती है।
क्या यह खरीदारी का सही समय है?
कमोडिटी मार्केट के विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट शॉर्ट-टर्म निवेशकों के लिए हल्की चिंता का विषय हो सकती है, लेकिन लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टर्स के लिए यह एक अच्छा अवसर है।
कई एनालिस्ट यह अनुमान लगा रहे हैं कि 2026 तक सोने की कीमतों में और वृद्धि देखने को मिल सकती है। वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता, अमेरिका में ब्याज दरों में संभावित कटौती और महंगाई की चिंता जैसी वजहें अगले साल तक सोने को फिर से ऊपर ले जा सकती हैं।
घरेलू बाजार में डिमांड बनी हुई है
भारत में शादियों और त्योहारों के सीजन ने हमेशा की तरह गोल्ड की डिमांड को मजबूती दी है। हालांकि दामों में मामूली गिरावट आई है, लेकिन ग्रामीण इलाकों और टियर-2 शहरों में खरीदी का रुझान अब भी बना हुआ है। ज्यादा लोग इसे सिर्फ ज्वेलरी के रूप में नहीं, बल्कि एक सुरक्षित निवेश (Safe Investment) के रूप में भी देख रहे हैं।
आने वाले दिनों में क्या रहेगा ट्रेंड?
मार्केट एनालिस्ट का कहना है कि निकट भविष्य में सोने की कीमतें ₹1,35,000 के आसपास रह सकती हैं। यदि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती के संकेत देता है, तो सोने में तेजी दोबारा शुरू हो सकती है। वहीं डॉलर और बॉन्ड यील्ड में डेवलपमेंट भी गोल्ड प्राइस पर बड़ा असर डालेंगे।

















