
भाई लोग, आजकल वृंदावन के मशहूर कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय सुर्खियों में हैं। 5 दिसंबर को जयपुर में उनकी शादी पूर्व डीएसपी की बेटी शिप्रा से हो रही है, और ये धूमधाम से चल रही रस्में देखकर सबके मन में एक ही सवाल उमड़ रहा है आखिर ये कथावाचक एक कथा से कितना कमा लेते हैं?
कुमार विश्वास से लेकर धीरेंद्र शास्त्री तक, ये नाम सुनते ही भक्ति का ठिकाना बन जाता है, लेकिन इनकी जेब भी भरपूर होती है। चलिए, बात करते हैं इनकी फीस की, जो लोकप्रियता, जगह और आयोजन के स्केल पर टिकी रहती है।
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फीस तय करने के फैक्टर
देखो यार, कथावाचक की फीस कोई फिक्स रेट नहीं होती। अगर देश में कथा हो रही है तो एक बात, विदेश घूमना हो तो दोगुनी-तिगुनी हो जाती है। यात्रा, रहना-खाना, सिक्योरिटी सब आयोजकों का सिरदर्द। ऊपर से अगर कथा कई दिनों की चले तो फीस भी उछल पड़ती है। छोटे शहर में कम, बड़े में ज्यादा – बस यही गणित है। कभी-कभी दान-पुण्य से भी कमाई बढ़ जाती है, लेकिन बेसिक चार्ज तो तय ही होता है।
मोरारी बापू का जलवा
मोरारी बापू तो जैसे रामकथा के बादशाह हैं भाई! दुनिया भर से भक्त खिंचे चले आते हैं उनके अंदाज़ में कथा सुनने। वो कोई फिक्स फीस नहीं बताते, लेकिन खबरें कहती हैं कि एक कथा के लिए 1 से 7 करोड़ तक पहुँच सकती है। इतनी कमाई देखकर लगता है, भक्ति भी बड़ा बिज़नेस है।
प्रदीप मिश्रा की भव्य कथाएँ
मध्य प्रदेश के सीहोर से निकले पंडित प्रदीप मिश्रा शिवकथा के जादूगर हैं। भक्तों की भारी भीड़ लगती है, और फीस? रिपोर्ट्स में 10 लाख से 51 लाख तक का ज़िक्र। कभी कहते हैं फ्री करते हैं, लेकिन बड़े आयोजनों में लाखों तो बनते ही हैं। इनकी कथा का ठाठ ही अलग है।
कुमार विश्वास का कवि-कथावाचक अंदाज़
कुमार विश्वास भला कौन भूलेगा? कविता से कथा तक का सफर, और फीस भी जबरदस्त। देश में 15-25 लाख, विदेश में 40-50 लाख तक। छोटे शो के लिए भी 10 लाख से कम नहीं। बिज़नेस क्लास, 5 स्टार होटल सब आयोजक झेलें, ये तो बस कथा सुना दें।
देवकीनंदन ठाकुर की लोकप्रियता
देवकीनंदन ठाकुर सालों से भगवत कथा रच रहे हैं, भक्त दूर-दूर से आते हैं। फीस 10-12 लाख बताई जाती है, कभी 15 लाख तक। खुद कहते हैं पैसे नहीं लेते, टीम का खर्चा निकलता है। लेकिन आयोजन का स्केल देखो तो करोड़ों का खेल लगता है।
धीरेंद्र शास्त्री का उभार
बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री इन दिनों टॉप पर हैं। सनातन एकता पदयात्रा जैसी घटनाओं ने नाम रोशन किया। एक कथा के लिए 1-1.5 लाख से 3.5 लाख तक। भक्त बढ़ रहे हैं, तो फीस भी ऊपर चढ़ेगी। छोटी शुरुआत, बड़ा मुकाम।
इंद्रेश उपाध्याय का नया दौर
शादी की चर्चा में इंद्रेश उपाध्याय की कथा फीस भी ट्रेंड कर रही। स्थानीय कथाओं के लिए 11-51 हज़ार, बड़े आयोजनों में 51 हज़ार से 1.5 लाख तक। ‘राधा गोरी’ भजन से फेमस हुए, अब शादी के बाद और धूम मचेगी। कम फीस, बड़ा नाम!

















