सरकारी कर्मचारियों को बड़ा तोहफा! DA में बम्पर बढ़ोतरी, सरकार ने जारी किया नया आदेश

हरियाणा सरकार ने 5वीं वेतन आयोग के कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 466% से बढ़ाकर 474% करने की घोषणा की है। नई दर 1 जुलाई 2025 से प्रभावी होगी। बढ़ा हुआ DA नवंबर के वेतन के साथ दिया जाएगा, जबकि जुलाई से अक्टूबर 2025 की बकाया राशि दिसंबर में मिलेगी। यह कदम महंगाई के असर से कर्मचारियों को राहत देने के उद्देश्य से उठाया गया है।

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government approves hike in da for employees paid under 5th pay commission

हरियाणा के सरकारी कर्मचारियों के लिए राहत और खुशखबरी दोनों लेकर आई है। राज्य सरकार ने 5वीं वेतन आयोग के तहत वेतन पाने वाले कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (Dearness Allowance – DA) में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। इस फैसले से न केवल कर्मचारियों की जेब में थोड़ा अतिरिक्त पैसा आएगा, बल्कि त्योहारों के मौसम में उनकी आर्थिक स्थिति में भी सुधार देखने को मिलेगा।

हरियाणा सरकार का बड़ा एलान

हरियाणा वित्त विभाग ने राज्य में 5वीं पे-कमिशन के तहत वेतन पाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों का DA मौजूदा 466 प्रतिशत से बढ़ाकर 474 प्रतिशत करने का निर्णय लिया है। यह संशोधित दर 1 जुलाई 2025 से प्रभावी होगी। आदेश वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव व मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी किए गए हैं।

दरअसल, बढ़ती महंगाई को देखते हुए कर्मचारियों का DA समय-समय पर संशोधित किया जाता है ताकि वे जीवनयापन के बढ़ते खर्चों से कुछ राहत पा सकें। इस बार वृद्धि 8 प्रतिशत की गई है, जो कि लंबी अवधि से इंतजार कर रहे कर्मचारियों के लिए राहत भरा कदम है।

भुगतान की प्रक्रिया और टाइमलाइन

सरकार ने स्पष्ट किया है कि बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता नवंबर 2025 के वेतन के साथ दिया जाएगा। वहीं, जुलाई से अक्टूबर 2025 के बीच की बकाया राशि (arrears) दिसंबर 2025 में कर्मचारियों को प्राप्त होगी। इससे एक तरह का डबल बेनिफिट उन्हें मिलेगा — एक तरफ नियमित वेतन में बढ़ा हुआ DA और दूसरी तरफ पिछले महीनों का एरियर पेमेंट।

वित्तीय नियमों के अनुसार, DA की गणना में यदि 50 पैसे या उससे अधिक का अंश होगा, तो उसे अगले पूर्ण रुपये तक राउंड ऑफ किया जाएगा। जबकि 50 पैसे से कम की राशि को नजरअंदाज किया जाएगा। यह नियम भुगतान प्रक्रिया को सरल और साफ बनाता है।

किन कर्मचारियों पर लागू होगा यह संशोधन

यह संशोधन विशेष रूप से उन कर्मचारियों पर लागू होगा जो अभी भी 5वीं वेतन आयोग की संरचना के तहत काम कर रहे हैं। हालांकि, राज्य में बड़ी संख्या में कर्मचारी 6वीं और 7वीं वेतन आयोग की वेतन संरचना के अंतर्गत आते हैं, लेकिन कुछ श्रेणियों के कर्मचारी, विशेषकर पुराने विभागों या विशेष नियुक्तियों में, अभी भी 5वीं वेतन आयोग के पैमाने पर कार्यरत हैं।

ऐसे में यह निर्णय सीमित लेकिन महत्वपूर्ण समूह को सीधा फायदा पहुंचाएगा। इससे उन कर्मचारियों की मासिक आय में थोड़ी बढ़ोतरी होगी, जो स्थिर या सीमित वेतनमान में लंबे समय से काम कर रहे हैं।

आर्थिक असर और सरकार का दृष्टिकोण

हालांकि DA में बढ़ोतरी सरकार के लिए अतिरिक्त वित्तीय बोझ का कारण बनती है, लेकिन इसका उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों की क्रय शक्ति (purchasing power) को बनाए रखना है। बढ़ती महंगाई के दौर में यदि नियोक्ता सरकार इस तरह के corrective कदम नहीं उठाती, तो कर्मचारियों पर जीवनयापन का दबाव बढ़ता है।

वित्त विभाग के सूत्रों के अनुसार, राज्य की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह वृद्धि संतुलित तरीके से तय की गई है। सरकार चाहती है कि कर्मचारियों का मनोबल ऊंचा रहे, जिससे प्रशासनिक कार्यकुशलता भी बनी रहे।

सरकार का कर्मचारियों के प्रति रुख

हाल के वर्षों में हरियाणा सरकार ने समय-समय पर कर्मचारियों के हित में कई निर्णय लिए हैं, चाहे वो महंगाई भत्ता वृद्धि हो, ग्रेच्युटी नियमों में सुधार या पेंशन से जुड़ी सुविधाएं। यह कदम भी उसी सिलसिले की अगली कड़ी है।

विभागीय अधिकारियों का मानना है कि यह वृद्धि छोटे पैमाने पर भले लगे, लेकिन इससे कर्मचारियों को मनोवैज्ञानिक और आर्थिक दोनों स्तरों पर राहत मिलेगी। साथ ही, इससे राज्य सरकार और कर्मचारियों के बीच विश्वास का माहौल भी मजबूत होगा।

Author
Pinki

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