
देश की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा JEE Main 2026 को लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने लाखों छात्रों को बड़ी राहत और दूसरा मौका दिया है। सेशन-2 के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, वहीं सेशन-1 की आंसर-की और रिजल्ट की तारीखें भी लगभग तय मानी जा रही हैं। इस साल (JEE Main) से जुड़े हर अपडेट पर करीब 13 लाख छात्र और उनके अभिभावकों की नजर टिकी हुई है।
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सेशन-2: दूसरा मौका, बेहतर रैंक की उम्मीद
NTA ने आधिकारिक वेबसाइट jeemain.nta.nic.in पर JEE Main 2026 Session-2 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। उम्मीदवार 25 फरवरी 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह सेशन उन छात्रों के लिए बेहद अहम है जो सेशन-1 में अपने प्रदर्शन से संतुष्ट नहीं हैं या किसी कारणवश जनवरी सेशन में परीक्षा नहीं दे पाए थे। NTA की नीति के अनुसार, दोनों सेशन देने वाले छात्रों का बेस्ट स्कोर ही अंतिम मेरिट में जोड़ा जाएगा। यही वजह है कि सेशन-2 को “रैंक सुधार का सुनहरा मौका” माना जा रहा है।
सेशन-1 की आंसर-की और रिजल्ट: तारीखें लगभग तय
JEE Main 2026 सेशन-1 की प्रोविजनल आंसर-की और रिस्पॉन्स शीट 4 फरवरी 2026 को जारी होने की उम्मीद है। इसके साथ ही छात्रों को अपनी OMR/रिस्पॉन्स शीट देखने का मौका मिलेगा। आंसर-की जारी होने के बाद 4 और 5 फरवरी को उम्मीदवारों को आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया जाएगा। आपत्तियों की जांच के बाद NTA फाइनल आंसर-की जारी करेगा, जिसके आधार पर रिजल्ट तैयार होगा। सूत्रों के मुताबिक, सेशन-1 का रिजल्ट 12 फरवरी 2026 तक घोषित किया जा सकता है।
रिकॉर्ड भागीदारी: 13 लाख से अधिक छात्र
इस बार JEE Main 2026 सेशन-1 में 13 लाख से ज्यादा छात्रों ने परीक्षा दी है, जो इसे एक बार फिर देश की सबसे बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल करता है। बढ़ती संख्या के कारण कट-ऑफ और रैंकिंग को लेकर भी कड़ा मुकाबला माना जा रहा है।
सेशन-2 परीक्षा शेड्यूल
NTA के संभावित कार्यक्रम के अनुसार, सेशन-2 की परीक्षा 2 से 9 अप्रैल 2026 के बीच आयोजित की जा सकती है। परीक्षा दो शिफ्टों में होगी—
- पहली शिफ्ट: सुबह 9 से 12 बजे
- दूसरी शिफ्ट: दोपहर 3 से 6 बजे
एडमिट कार्ड परीक्षा से करीब 10–12 दिन पहले जारी होने की संभावना है।
आगे क्या करें छात्र?
शिक्षा विशेषज्ञों की सलाह है कि छात्र सेशन-1 की आंसर-की आते ही अपने संभावित अंक निकालें और कट-ऑफ का आकलन करें। अगर स्कोर अपेक्षा से कम है, तो सेशन-2 की तैयारी में तुरंत जुट जाना चाहिए। खासतौर पर कमजोर टॉपिक्स की पहचान कर उन पर फोकस करना इस चरण में निर्णायक साबित हो सकता है।

















