
उत्तर प्रदेश में यातायात को सुगम बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है, मेरठ और लखनऊ जैसे प्रमुख शहरों में नए बाईपास और कॉरिडोर परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य लगभग पूरा हो गया है, जिससे अब निर्माण कार्य को गति मिलेगी।
Table of Contents
मेरठ: दिल्ली-हापुड़ रोड पर जाम से मिलेगी बड़ी राहत
मेरठ में दिल्ली रोड और हापुड़ रोड के बीच लगने वाले भीषण जाम को खत्म करने के लिए नया बाईपास आकार ले रहा है।
- जिला प्रशासन ने इस परियोजना के लिए पाँच गांवों की कुल 19,259 वर्ग मीटर भूमि का अधिग्रहण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।
- प्रशासन ने सलेमपुर, गगोल और फफूंडा जैसे गांवों के प्रभावित किसानों को मुआवजा वितरण के लिए बुलाना शुरू कर दिया है, सबसे पहले सलेमपुर के किसानों को भुगतान किया जा रहा है।
- वर्तमान में 3.75 मीटर चौड़े इस मार्ग को 7 मीटर चौड़ा (दो लेन) किया जाएगा, जिससे हल्के वाहनों की आवाजाही आसान होगी।
ग्रीन कॉरिडोर फेज-3 का काम शुरू
राजधानी लखनऊ के निवासियों के लिए भी राहत की खबर है, जहाँ ग्रीन कॉरिडोर के तीसरे चरण का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है।
- पिपराघाट से शहीद पथ: यह 5 किलोमीटर लंबा मार्ग पिपराघाट को सीधे शहीद पथ से जोड़ेगा, जिससे कैंट और अयोध्या रोड के बीच ट्रैफिक का दबाव कम होगा।
- नया आरओबी (ROB): इस परियोजना के तहत पिपराघाट रेलवे क्रॉसिंग पर 240 मीटर लंबा रेलवे ओवरब्रिज बनाया जाएगा।
- समय सीमा: इस कॉरिडोर के पूरा होने से शहर के भीतर लगने वाले ट्रैफिक जाम से स्थायी मुक्ति मिलने की उम्मीद है।
अन्य प्रमुख अपडेट्स
- यमुना एक्सप्रेसवे: यहाँ करीब 4500 किसानों को उनके द्वारा दी गई जमीन के लिए 1689 करोड़ रुपये का अतिरिक्त मुआवजा चरणों में वितरित किया जा रहा है।
- गोंडा बाईपास: कर्नलगंज बाईपास के लिए भी भूमि खरीदने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिससे लखनऊ-बाराबंकी मार्ग पर यात्रा का समय कम होगा।
इन परियोजनाओं के पूरा होने से न केवल उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों में जाम की समस्या खत्म होगी, बल्कि औद्योगिक और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को भी नई गति मिलेगी।

















