
जो लोग सुरक्षित और निश्चित रिटर्न चाहते हैं उनके लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) एक लोकप्रिय निवेश विकल्प है, FD पर मिलने वाला ब्याज विभिन्न कारकों पर निर्भर करता है, जैसे बैंक का प्रकार (सार्वजनिक क्षेत्र, निजी क्षेत्र, या स्मॉल फाइनेंस बैंक), जमा की अवधि और जमाकर्ता की श्रेणी (सामान्य नागरिक, वरिष्ठ नागरिक)।
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FD ब्याज दरें कैसे काम करती हैं?
बैंक एक निश्चित अवधि के लिए आपके पैसे जमा करने के बदले में ब्याज का भुगतान करते हैं, ब्याज दरें आमतौर पर जमा की अवधि के साथ बढ़ती हैं, वरिष्ठ नागरिकों को अक्सर सामान्य नागरिकों की तुलना में थोड़ी अधिक ब्याज दर मिलती है, स्मॉल फाइनेंस बैंक कभी-कभी बड़े बैंकों की तुलना में अधिक ब्याज दरें प्रदान कर सकते हैं।
FD में निवेश करते समय इन बातों का ध्यान रखें
- विभिन्न बैंकों की FD दरों की तुलना करना महत्वपूर्ण है ताकि आपको सबसे अच्छा रिटर्न मिल सके।
- अपनी वित्तीय लक्ष्यों के अनुसार जमा की अवधि चुनें। लंबी अवधि के FD पर आमतौर पर अधिक ब्याज मिलता है, लेकिन आपके पैसे उस अवधि के लिए लॉक हो जाते हैं।
- सुनिश्चित करें कि आपका बैंक डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) द्वारा कवर है। DICGC प्रति जमाकर्ता प्रति बैंक ₹5 लाख तक की जमा राशि का बीमा करता है।
- FD खोलने से पहले बैंक के नियमों और शर्तों को ध्यान से पढ़ें, विशेष रुप से समय से पहले पैसे निकालने के दंड के बारे में।
- FD से अर्जित ब्याज टैक्सेबल होता है।
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FD उन निवेशकों के लिए एक सुरक्षित विकल्प है जो पूंजी सुरक्षा और निश्चित रिटर्न चाहते हैं, हालांकि, निवेश करने से पहले अपनी रिसर्च करना और अपनी वित्तीय सलाहकार से सलाह लेना हमेशा महत्वपूर्ण होता है।

















