
देश में ड्राइविंग लाइसेंस-Driving License और वाहन संबंधी नियमों को सरल, डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए केंद्र सरकार एक बड़ा बदलाव करने जा रही है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय-MoRTH ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े कई नियमों में संशोधन की योजना बना रहा है। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य ईज ऑफ लिविंग-Ease of Living को बढ़ाना और आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाना है।
साथ ही, सरकार ट्रैफिक नियम-Traffic Rules तोड़ने वालों पर सख्ती बढ़ा रही है। अब केवल चालान ही नहीं, बल्कि ड्राइविंग लाइसेंस पर पेनल्टी प्वाइंट-Penalty Points भी जुड़ेंगे। यह कदम सड़क पर जिम्मेदार ड्राइविंग को बढ़ावा देने और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए उठाया जा रहा है।
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40 से 60 वर्ष वालों को बड़ी राहत
प्रस्तावित नियमों के अनुसार, अब 40 से 60 साल की उम्र वाले लोगों को ड्राइविंग लाइसेंस-Driving License बनवाने या रिन्यू-Renew कराने के लिए मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी।
पहले, इस उम्र वर्ग के लोगों को डॉक्टर से प्रमाण पत्र लेना पड़ता था, जिससे समय और पैसे की परेशानी होती थी। सरकार का मानना है कि यह प्रक्रिया अनावश्यक देरी का कारण बनती है।
इस बदलाव से इस उम्र के ड्राइवर्स के लिए लाइसेंस अप्लाई और रिन्यू करना आसान हो जाएगा और उन्हें बार-बार डॉक्टर के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
गलती करने पर कटेंगे पेनल्टी प्वाइंट्स
नई योजना में ट्रैफिक नियम तोड़ने पर केवल जुर्माना-Fine ही नहीं, बल्कि ड्राइविंग लाइसेंस पर पेनल्टी प्वाइंट्स-Penalty Points भी जुड़ेंगे।
ये प्वाइंट्स ई-चालान-E-Challan System के जरिए सीधे लाइसेंस से लिंक किए जाएंगे। यदि किसी ड्राइवर के प्वाइंट्स तय सीमा से अधिक हो जाते हैं, तो लाइसेंस सस्पेंड-License Suspend किया जा सकता है या ड्राइविंग पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया जा सकता है।
इसका मुख्य उद्देश्य ड्राइवर्स को बार-बार नियम तोड़ने से रोकना और सड़क सुरक्षा बढ़ाना है।
बीमा प्रीमियम-Insurance Premium पर असर
सरकार विचार कर रही है कि पेनल्टी प्वाइंट्स को वाहन बीमा-Vehicle Insurance से जोड़ा जाए। यानी अगर कोई ड्राइवर लगातार नियम तोड़ता है, तो उसका बीमा प्रीमियम-Bike/Car Insurance Premium बढ़ सकता है।
इससे सुरक्षित ड्राइविंग को बढ़ावा मिलेगा और लापरवाह चालकों पर आर्थिक दबाव-Financial Pressure पड़ेगा।
डिजिटल सेवाओं का विस्तार
डिजिटल सिस्टम-Digital Services के जरिए अब ड्राइविंग टेस्ट-Driving Test, लाइसेंस अप्रूवल और अन्य सेवाओं में होने वाली देरी को कम किया जाएगा। लाइसेंस धारक खुद अपने मोबाइल नंबर, पता और अन्य विवरण डिजिटल रूप से अपडेट कर सकेंगे।
इसके लिए आरटीओ-RTO कार्यालयों में बार-बार जाने की जरूरत नहीं होगी। इससे प्रक्रिया तेज, आसान और पारदर्शी होगी।
इसके अलावा, सरकार आधार-आधारित ऑथेंटिकेशन-Aadhaar-based Authentication लागू करने पर विचार कर रही है, जिससे फर्जीवाड़ा और धोखाधड़ी पर रोक लगेगी।
प्वाइंट सिस्टम और ट्रैफिक नियम सुधार
नई योजना में सरकार पेनल्टी प्वाइंट सिस्टम-Penalty Point System को लागू कर रही है। इसका मकसद सिर्फ चालान काटना नहीं, बल्कि ड्राइविंग व्यवहार-Driving Behavior सुधारना है।
ड्राइविंग लाइसेंस के डिजिटल सिस्टम के माध्यम से प्वाइंट्स की जानकारी सीधे संबंधित व्यक्ति तक पहुंचाई जाएगी। इस तरह, नियम तोड़ने वाले चालकों को बार-बार चेतावनी और सख्ती के तहत नियंत्रित किया जा सकेगा।
सरकार का उद्देश्य
- ईज ऑफ लिविंग-Ease of Living बढ़ाना।
- ट्रैफिक नियम-Traffic Rules का पालन सुनिश्चित करना।
- ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया-Driving License Process को आसान और तेज बनाना।
- डिजिटल सेवाओं-Digital Services को बढ़ाना और आरटीओ में भीड़ कम करना।
- सुरक्षित ड्राइविंग-Safe Driving को बढ़ावा देना।
सरकार की योजना है कि इस नए सिस्टम के लागू होने से सड़क पर जिम्मेदार ड्राइविंग बढ़ेगी और नियम तोड़ने वाले ड्राइवर्स पर नियंत्रण रखा जाएगा।

















