यदि आप शारीरिक या मानसिक रूप से 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांग हैं, तो सरकारी योजनाओं, नौकरियों और शिक्षा में मिलने वाले लाभों से वंचित रहना सही नहीं। अच्छी खबर यह है कि अब बिना कहीं भटकें, सिर्फ स्मार्टफोन या कंप्यूटर से विकलांग प्रमाण पत्र यानी UDID कार्ड बनवाया जा सकता है। यह पूरी प्रक्रिया 2026 में और सरल हो गई है। इस लेख में हम आपको शुरुआत से अंत तक हर कदम बताएंगे, ताकि आप आसानी से आवेदन कर सकें और लाभ उठा सकें। धैर्य रखें और अंत तक पढ़ें।
UDID कार्ड क्या है? यह केंद्र सरकार की एक डिजिटल पहल है, जो दिव्यांगजनों को एक ही प्रमाण पत्र से सभी सेवाएं उपलब्ध कराती है। पहले अलग-अलग विभागों के लिए कई सर्टिफिकेट बनवाने पड़ते थे, लेकिन अब UDID से सब कुछ एक जगह। इससे यात्रा भत्ता, आरक्षण और सब्सिडी जैसी सुविधाएं तुरंत मिलती हैं। हर दिव्यांग नागरिक इसका फायदा ले सकता है।

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विकलांग प्रमाण पत्र के प्रमुख लाभ
इस सर्टिफिकेट से जीवन बदल सकता है। सरकारी नौकरियों में चार प्रतिशत आरक्षण मिलता है, जहां परीक्षा और आयु सीमा में छूट होती है। शिक्षा क्षेत्र में स्कूल से लेकर विश्वविद्यालय तक दाखिले में प्राथमिकता और फीस माफी का प्रावधान है। विभिन्न योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री आवास, पेंशन स्कीम, स्कॉलरशिप और स्वास्थ्य बीमा का लाभ आसानी से मिलता है। यात्रा में रेलवे या बसों में आधी टिकट, आयकर में छूट और उद्यमिता लोन भी उपलब्ध हैं। कुल मिलाकर, यह आपके समग्र विकास का आधार बनता है।
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज
आवेदन से पहले ये दस्तावेज स्कैन कर लें। पहचान के लिए आधार कार्ड, वोटर आईडी, पैन या राशन कार्ड चलेगा। एक पासपोर्ट साइज फोटो जरूरी है। विकलांग अंग की स्पष्ट फोटो लगाएं। मेडिकल जांच की रिपोर्टें जैसे एक्स-रे, एमआरआई या ब्लड टेस्ट अपलोड करें। यदि पहले कोई सर्टिफिकेट है, तो वह भी जोड़ें। आय प्रमाण पत्र और यदि लागू हो तो एससी, एसटी या ओबीसी प्रमाण पत्र भी तैयार रखें। ये सब मिलाकर प्रक्रिया सुगम हो जाती है।
योग्यता के मानदंड
कौन आवेदन कर सकता है? मेडिकल बोर्ड से 40 प्रतिशत या अधिक दिव्यांगता घोषित होना चाहिए। विकलांगता मानवाधिकार अधिनियम 2016 की 21 श्रेणियों जैसे दृष्टि, श्रवण, गतिशीलता या बौद्धिक में होनी चाहिए। भारतीय नागरिकता अनिवार्य है। इन शर्तों पर खरा उतरने पर आवेदन स्वीकृत होता है।
ऑनलाइन आवेदन की स्टेप बाय स्टेप प्रक्रिया
सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल पर जाएं। होमपेज से ‘नया UDID आवेदन’ चुनें। निर्देश पढ़कर आगे बढ़ें। रजिस्ट्रेशन आधार या मोबाइल नंबर से करें। फॉर्म में नाम, पता, विकलांगता का प्रकार और प्रतिशत भरें। सभी दस्तावेज अपलोड करें। अंत में सबमिट करें, आपको आवेदन संख्या मिलेगी जिसे प्रिंट कर लें। पूरा काम 10-15 मिनट में हो जाता है। मेडिकल सत्यापन के बाद 15-30 दिनों में कार्ड डाक से घर पहुंचता है।
आवेदन स्थिति की जांच कैसे करें?
आवेदन के बाद स्टेटस चेक करना आसान है। वही वेबसाइट खोलें। ‘आवेदन ट्रैक’ विकल्प चुनें। आवेदन नंबर या आधार डालें। सबमिट पर क्लिक करें। स्थिति तुरंत दिखेगी – लंबित, सत्यापित या जारी। इससे कोई भ्रम नहीं रहता।
यह प्रक्रिया अपनाकर लाखों दिव्यांग लाभ ले चुके हैं। तुरंत शुरू करें और नई जिंदगी की ओर कदम बढ़ाएं। अधिक जानकारी के लिए पोर्टल विजिट करें।

















