Fake Eggs Reality: क्या आप भी खा रहे हैं मशीन से बने ‘नकली अंडे’? सेहत के साथ बड़ा खिलवाड़, इन 5 तरीकों से करें असली-नकली की पहचान

सिर्फ दिखने में ही नहीं, बल्कि सेहत पर भी भारी पड़ सकते हैं ये नकली अंडे। जानें 5 आसान तरीके जिससे आप असली और नकली अंडे की पहचान कर सकेंगे और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकेंगे।

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Fake Eggs Reality: क्या आप भी खा रहे हैं मशीन से बने 'नकली अंडे'? सेहत के साथ बड़ा खिलवाड़, इन 5 तरीकों से करें असली-नकली की पहचान
Fake Eggs Reality: क्या आप भी खा रहे हैं मशीन से बने ‘नकली अंडे’? सेहत के साथ बड़ा खिलवाड़, इन 5 तरीकों से करें असली-नकली की पहचान

सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप पर अक्सर वायरल वीडियो आते रहते हैं, जिनमें दिखाया जाता है कि मशीन से प्लास्टिक अंडे बनाए जा रहे हैं। दावा किया जाता है कि ये अंडे खा लेने पर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियाँ ला सकते हैं। खासकर सर्दियों में, जब लोग प्रोटीन के लिए अंडे की डिमांड बढ़ा देते हैं, ये अफवाहें और डर ज्यादा फैलाती हैं। लेकिन क्या सच में बाजार में मशीन से बने नकली अंडे बिक रहे हैं?

हमने पूरी जांच की, और FSSAI की जानकारी के अनुसार: भारत में बिक रहे सभी अंडे असली हैं। मशीन वाले प्लास्टिक अंडों की कहानियाँ सिर्फ अफवाह हैं।

सर्दियों में अंडों की डिमांड क्यों बढ़ती है?

सर्दियों में बॉडी को वार्म रखने और इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए अंडा सुपरफूड माना जाता है।

  • प्रोटीन पावर: एक अंडे में लगभग 6 ग्राम प्रोटीन होता है, जो मसल्स बिल्डिंग के लिए ज़रूरी है।
  • विटामिन्स और मिनरल्स: B12, D, ल्यूटिन और अन्य पोषक तत्व हड्डियों, आंखों और इम्यूनिटी के लिए फायदेमंद।
  • चाइल्ड फ्रेंडली: बच्चों के ब्रेकफास्ट के लिए आदर्श।

लेकिन बढ़ती डिमांड के कारण कुछ मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं। अक्सर सफेद अंडे को ब्राउन-egg जैसा दिखाने के लिए रंग डाला जाता है। इसके लिए चायपत्ती का पानी या केमिकल डाई इस्तेमाल किया जाता है। वहीं, इंजेक्शन देकर मुर्गियों से ज्यादा अंडे निकालने की अफवाहें भी बाजार में घूमती रहती हैं।

मशीन से नकली अंडा बनना क्यों मुमकिन नहीं?

यूट्यूब और सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल होते हैं, जिसमें केमिकल मिलाकर अंडे की शेल बनाई जा रही होती है। लेकिन भारत में FSSAI या कोई सरकारी अफसर कभी भी मशीन से नकली अंडे बनने की पुष्टि नहीं कर चुके।

  • असली अंडा की कीमत 6-7 रुपये है।
  • मशीन से नकली अंडा बनाने में 20-30 रुपये खर्च होंगे।
  • एक्सपर्ट्स कहते हैं कि ये धंधा नुकसानदेह होगा, इसलिए कोई भी इसे बड़ी मात्रा में नहीं करेगा।

असल में, बाजार के अंडे 100% असली हैं। फर्क केवल क्वालिटी और मुर्गियों के फीड पर है। खराब फीड वाली मुर्गियों से छोटे या बेस्वाद अंडे निकल सकते हैं, जिन्हें लोग ‘नकली’ समझ लेते हैं। मेरठ मार्केट चेक करने पर सभी अंडे नॉर्मल पाए गए।

असली और नकली अंडे की पहचान घर पर कैसे करें?

खरीदते समय कुछ आसान टेस्ट से आप नकली अंडे पहचान सकते हैं:

  1. रगड़ टेस्ट: अंडे की शेल पर उंगली फेरें। अगर रंग उतर जाए तो यह फेक कलर है।
  2. पानी टेस्ट: ताजा अंडा पानी में डुबाएं। ताजा अंडा डूब जाएगा, पुराना तैर जाएगा।
  3. आकार और वजन: अगर अंडा प्लास्टिक जैसा हल्का या परफेक्ट राउंड लगे, तो शक करें।
  4. उबालकर टेस्ट: नकली अंडे में प्लास्टिक जैसी गंध या अजीब बनावट आएगी, असली अंडे में पीला-सफेद सही बनेगा।

नोट: ब्राउन और व्हाइट अंडे में पोषण समान है, सिर्फ ब्राउन मुर्गी की नस्ल अलग होती है। हमेशा FSSAI लेबल वाले ब्रांडेड पैक या भरोसेमंद दुकानों से खरीदें।

अंडे खाने के 5 जबरदस्त फायदे

  1. मसल्स बिल्डर: जिम जाने वालों के लिए टॉप प्रोटीन सोर्स।
  2. इम्यून बूस्टर: विटामिन D शरीर की सर्दी-जुकाम से लड़ने की क्षमता बढ़ाता है।
  3. ब्रेन फूड: कोलीन मस्तिष्क को तेज और याददाश्त बढ़ाता है।
  4. वेट कंट्रोल: कम कैलोरी और भूख कंट्रोल।
  5. हड्डियां स्ट्रॉन्ग: कैल्शियम और विटामिन D का कॉम्बो।

रोज़ 2 अंडे खाने से शरीर के लिए सुपरबायोफायदे मिलते हैं।

मिलावट से बचने के टिप्स

  • भरोसेमंद फार्मर या ब्रांडेड पैक से ही अंडे खरीदें।
  • यदि शक हो तो लोकल FSSAI हेल्पलाइन 1800112100 पर शिकायत करें।
  • सर्दियों में कीमतें अक्सर बढ़ जाती हैं, इसलिए प्राइस चेक करना ज़रूरी।
  • बच्चों और बुजुर्गों को हमेशा उबले अंडे दें।
  • अफवाहों पर भरोसा न करें, सिर्फ फैक्ट्स पर ध्यान दें।
Fake Eggs Reality
Author
Pinki

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