
उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने अधीन कार्यरत सरकारी कर्मचारियों के लिए जवाबदेही को और सख्त करते हुए एक अहम फैसला लिया है। राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अब सभी कर्मचारियों को अपनी चल और अचल संपत्तियों (Movable & Immovable Property) का पूरा विवरण ऑनलाइन दर्ज करना अनिवार्य होगा। यह प्रक्रिया मानव संपदा पोर्टल (Human Resource Management System – HRMS) के जरिए पूरी की जाएगी।
इस आदेश के दायरे में प्रदेश के करीब 8 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारी आएंगे। सरकार ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि तय समयसीमा तक संपत्ति का विवरण अपलोड नहीं किया गया, तो संबंधित कर्मचारी की जनवरी 2026 की सैलरी रोकी जा सकती है और प्रमोशन (Promotion) पर भी सीधा असर पड़ेगा।
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पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में सरकार का बड़ा कदम
राज्य सरकार का कहना है कि यह फैसला प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया है। संपत्ति विवरण को डिजिटल माध्यम से एकत्र करने से न केवल भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा, बल्कि कर्मचारियों की सेवा से जुड़ी जानकारी भी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी।
मुख्य सचिव की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि सभी अधिकारी और कर्मचारी 31 जनवरी 2026 तक अनिवार्य रूप से अपनी संपत्ति का विवरण मानव संपदा पोर्टल पर दर्ज करें। इसमें किसी भी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी।
समय पर जानकारी न देने पर क्या होगा नुकसान?
सरकारी सूत्रों के अनुसार, यदि कोई कर्मचारी तय समयसीमा तक संपत्ति का विवरण अपलोड नहीं करता है, तो उसे कई तरह की प्रशासनिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है—
- जनवरी 2026 की सैलरी फरवरी में रोकी जा सकती है
- 1 फरवरी 2026 को प्रस्तावित विभागीय प्रोन्नति समिति (DPC – Departmental Promotion Committee) की बैठक में ऐसे कर्मचारी का नाम प्रमोशन के लिए शामिल नहीं किया जाएगा
- भविष्य में सेवा रिकॉर्ड पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है
सरकार ने यह भी संकेत दिए हैं कि लगातार लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ आगे चलकर विभागीय कार्रवाई (Departmental Action) भी की जा सकती है।
1 फरवरी को होगी DPC की अहम बैठक
सरकारी विभागों में 1 फरवरी 2026 को DPC की महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है, जिसमें योग्य कर्मचारियों को प्रमोशन देने पर निर्णय लिया जाएगा। लेकिन जिन कर्मचारियों ने संपत्ति का विवरण समय पर अपलोड नहीं किया होगा, उन्हें इस प्रक्रिया से बाहर रखा जाएगा।
इसका मतलब साफ है कि एक छोटी सी लापरवाही आपके करियर की रफ्तार को धीमा कर सकती है।
मानव संपदा पोर्टल पर ऐसे करें
सरकार ने कर्मचारियों की सुविधा के लिए पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन और सरल बनाया है। नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो कर आसानी से संपत्ति का विवरण अपलोड किया जा सकता है—
- सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट ehrms.upsdc.gov.in पर जाएं
- अपने User ID (Employee Code) और पासवर्ड से लॉग इन करें
- पासवर्ड भूलने पर Forgot Password विकल्प का इस्तेमाल करें
- लॉग इन करने के बाद “Property Details” या “Property Declaration” सेक्शन पर क्लिक करें
- यहां अपनी सभी चल और अचल संपत्तियों की जानकारी भरें, जैसे—
- संपत्ति का प्रकार
- स्थान
- अनुमानित बाजार मूल्य
- सभी विवरण भरने के बाद फॉर्म को Save और Submit करें
- सबमिशन के बाद स्क्रीन पर Confirmation Message दिखाई देगा
किन संपत्तियों का देना होगा विवरण?
कर्मचारियों को अपनी और अपने आश्रितों (Dependents) के नाम पर मौजूद सभी संपत्तियों की जानकारी देनी होगी, जिनमें शामिल हैं—
- जमीन, मकान, फ्लैट
- वाहन (Car, Bike आदि)
- बैंक जमा, निवेश
- अन्य मूल्यवान संपत्तियां
सरकार का स्पष्ट संदेश
राज्य सरकार ने दो टूक कहा है कि यह व्यवस्था कर्मचारियों को परेशान करने के लिए नहीं, बल्कि सुशासन (Good Governance) और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए लागू की गई है। इसलिए सभी कर्मचारियों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना समय रहते अपनी जानकारी अपडेट कर लें।

















