
सर्दियों के मौसम में तापमान गिरने के साथ ही डेयरी किसानों के सामने सबसे बड़ी चुनौती पशुओं के गिरते दूध उत्पादन की होती है, ठंड से बचने के लिए पशु अपनी अधिकांश ऊर्जा शरीर को गर्म रखने में खर्च कर देते हैं, जिससे दूध की मात्रा कम हो जाती है, लेकिन 2026 की इस सर्दी में पशु विशेषज्ञों और अनुभवी किसानों ने एक ऐसा ‘जादुई’ देसी फॉर्मूला साझा किया है, जो न केवल पशुओं को बीमारियों से बचाएगा बल्कि दूध उत्पादन को भी रिकॉर्ड स्तर पर ले जाएगा।
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जादुई देसी फॉर्मूला: सामग्री और बनाने की विधि
यह फॉर्मूला पूरी तरह प्राकृतिक है और इसमें उपयोग होने वाली चीजें आसानी से रसोई में उपलब्ध हैं:
- मेथी दाना (250 ग्राम): मेथी दूध बढ़ाने और पशुओं के पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में रामबाण मानी जाती है।
- गुड़ (200-250 ग्राम): यह ऊर्जा का पावरहाउस है। गुड़ पशु के शरीर में गर्मी बनाए रखता है और इम्युनिटी बढ़ाता है।
- सरसों का तेल (50-100 मिली): तेल देने से दूध में फैट (वसा) की मात्रा बढ़ती है और पशु की त्वचा में चमक आती है।
- अजवाइन (25-50 ग्राम): यह पशुओं को गैस और पेट की समस्याओं से बचाती है, विशेषकर ब्याने के बाद।
मेथी और अजवाइन को पीसकर पानी में उबाल लें, पकने के बाद इसमें गुड़ मिलाएं और ठंडा होने पर सरसों का तेल मिक्स करें, इस मिश्रण को रात के समय चारा खिलाने के बाद पशु को दें।
दाने का खर्च कम करने के ‘स्मार्ट’ तरीके
महंगे पशु आहार (दाने) पर निर्भरता कम करने के लिए किसान इन उपायों को अपना सकते हैं:
- संतुलित आहार: पशु को 60% हरा चारा और 40% सूखा चारा दें। सर्दियों में बरसीम, जई और लोबिया जैसे प्रोटीन युक्त हरे चारे दाने की जरूरत को कम कर देते हैं।
- नमक का जादू: रोजाना आहार में 13-15 ग्राम नमक शामिल करने से पाचन बेहतर होता है और दूध उत्पादन 10-15% तक बढ़ सकता है।
- गुनगुना पानी: पशु को दिन में 3-4 बार हल्का गुनगुना पानी पिलाएं, ठंडा पानी पीने से पशु कतराते हैं, जिससे डिहाइड्रेशन के कारण दूध कम हो जाता है।
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प्रबंधन से बढ़ेगा मुनाफा
विशेषज्ञों के अनुसार, केवल अच्छा खान-पान ही काफी नहीं है, पशुओं के नीचे पुआल या सूखा बिछावन (Bedding) जरुर डालें ताकि उन्हें फर्श की ठंड न लगे, साथ ही, National Dairy Development Board (NDDB) की सलाह के अनुसार, संतुलित आहार के साथ मिनरल मिक्सचर का उपयोग दूध की गुणवत्ता और पशु की प्रजनन क्षमता को बेहतर बनाता है।
पशुपालक इन देसी नुस्खों को अपनाकर कम लागत में न केवल दूध का उत्पादन बढ़ा सकते हैं, बल्कि इस सीजन में ‘बंपर मुनाफा’ भी कमा सकते हैं, अधिक जानकारी के लिए किसान ICAR-IVRI जैसे संस्थानों से संपर्क कर सकते हैं।

















