
अगर आप अपना खुद का बिजनेस शुरु करने की योजना बना रहे हैं और एक ऐसी जगह की तलाश में हैं जहाँ ग्राहकों की कभी कमी न हो, तो भारतीय रेलवे आपको एक शानदार अवसर दे रहा है, देशभर के रेलवे स्टेशनों पर स्टाल (Stall) खोलकर आप हर महीने मोटी कमाई कर सकते हैं साल 2025 में रेलवे ने अपनी टेंडरिंग प्रक्रिया को पहले से कहीं अधिक पारदर्शी और सुलभ बना दिया है।
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भीड़ वाली जगह, मुनाफे की गारंटी
रेलवे स्टेशनों पर प्रतिदिन लाखों यात्रियों का आवागमन होता है। ऐसे में खान-पान, किताबों या जनरल स्टोर के स्टाल का बिजनेस कभी मंदा नहीं पड़ता। रेलवे मुख्य रूप से दो श्रेणियों में स्टाल आवंटित करता है:
- माइनर स्टेटिक यूनिट: छोटे स्टाल जैसे चाय-नाश्ता, बिस्किट और पानी।
- मेजर स्टेटिक यूनिट: फूड प्लाजा, फास्ट फूड यूनिट और बड़े रिफ्रेशमेंट रूम।
पूरी तरह डिजिटल हुई टेंडर प्रक्रिया
अब आपको टेंडर के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। रेलवे ने पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया है:
- पंजीकरण: इच्छुक आवेदकों को IREPS (Indian Railways E-Procurement System) पोर्टल पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा।
- नोटिफिकेशन: IRCTC और रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट पर समय-समय पर टेंडर नोटिस जारी किए जाते हैं।
- बिडिंग: पात्र उम्मीदवार अपनी बिड (बोली) जमा कर सकते हैं। सबसे ऊंची बोली लगाने वाले को प्राथमिकता दी जाती है।
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किन दस्तावेजों की होगी जरुरत?
स्टाल के लिए आवेदन करने हेतु आपके पास निम्नलिखित दस्तावेज होने चाहिए:
- आधार और पैन कार्ड: व्यक्तिगत पहचान और टैक्स संबंधी जानकारी के लिए।
- ITR रिपोर्ट: पिछले 2 से 3 वर्षों का इनकम टैक्स रिटर्न।
- FSSAI लाइसेंस: यदि आप खाने-पीने का स्टाल खोलना चाहते हैं, तो FSSAI रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है।
- अनुभव प्रमाण पत्र: कुछ श्रेणियों में पिछले कार्य अनुभव की मांग की जा सकती है।
कैसे होता है चयन?
रेलवे ‘टू-पैकेट’ सिस्टम के जरिए आवंटन करता है, पहले चरण में आपके दस्तावेजों की तकनीकी जांच (Technical Bid) होती है, जो आवेदक इसमें सफल होते हैं, उनकी वित्तीय बोली (Financial Bid) खोली जाती है। सबसे अधिक लाइसेंस फीस देने वाले आवेदक को स्टाल का आवंटन कर दिया जाता है।
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कितना होगा निवेश और मुनाफा?
स्टाल के लिए निवेश स्टेशन की श्रेणी (जैसे दिल्ली, मुंबई जैसे बड़े स्टेशन बनाम छोटे ग्रामीण स्टेशन) पर निर्भर करता है, टेंडर की अवधि सामान्यतः 5 वर्षों की होती है, स्टेशन पर यात्रियों की भारी संख्या इसे एक ‘जीरो रिस्क’ बिजनेस बनाती है, जहाँ कमाई की संभावनाएं असीमित हैं।
अगर आप भी रेलवे के इस बिजनेस मॉडल का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो आज ही IRCTC Tenders पर जाकर ताजा अवसरों की जांच करें और अपने व्यापारिक सफर की शुरुआत करें।

















