
बच्चों की सुरक्षा को लेकर मौसम के बिगड़ते हालात ने जिले में एक नई असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है। सरकारी और निजी स्कूलों में शीतकालीन अवकाश (Winter Vacation) को लेकर शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन के अलग-अलग आदेशों ने अभिभावकों (Parents) और स्कूल प्रबंधन को दुविधा में डाल दिया है।
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शिक्षा विभाग का आदेश: 25 से 31 दिसंबर तक छुट्टी
शिक्षा विभाग (Education Department) के कैलेंडर के अनुसार, जिले के सभी सरकारी विद्यालयों में 25 दिसंबर से 31 दिसंबर तक शीतकालीन अवकाश घोषित किया गया था। यह आदेश क्रिसमस डे (Christmas Day) से शुरू होकर नए साल के पूर्वसंध्या तक प्रभावी है। विभाग के अनुसार यह छुट्टी बच्चों को ठंड के मौसम में राहत देने और शैक्षणिक गतिविधियों (Academic Activities) को सुचारू रूप से व्यवस्थित करने के उद्देश्य से है।
विभागीय कैलेंडर में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि सरकारी विद्यालयों के छात्रों को इस अवधि में स्कूल आने की आवश्यकता नहीं है। इस आदेश की वजह से अभिभावकों और शिक्षकों के बीच शुरुआत में संतोष था कि स्कूल खोलने और बंद करने की स्थिति तय रहेगी
जिला प्रशासन का आदेश: 28 दिसंबर तक शैक्षणिक कार्यों पर रोक
हालांकि, अचानक मौसम (Weather) में लगातार गिरावट और तापमान के तेज गिरने के कारण जिला प्रशासन (District Administration) ने एक नया आदेश जारी किया। प्रभारी डीएम (DM) ने बुधवार को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत जिले के सभी सरकारी व निजी स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र (Anganwadi Centers), और कोचिंग संस्थानों में 12वीं तक की कक्षाओं के शैक्षणिक कार्यों पर 28 दिसंबर तक रोक लगाने का निर्देश दिया।
इस आदेश में स्पष्ट कहा गया कि बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सर्वोपरि है। केवल प्री-बोर्ड और बोर्ड परीक्षाओं (Pre-Board & Board Exams) से संबंधित विशेष कक्षाओं को इस आदेश से छूट दी गई है।
शिक्षा विभाग और डीएम आदेश के बीच फंसा पेंच
अब अभिभावकों (Parents) और स्कूल प्रबंधन (School Management) के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि अंतिम और प्रभावी आदेश कौन सा है?
- शिक्षा विभाग का आदेश: छुट्टी 31 दिसंबर तक
- डीएम का आदेश: छुट्टी 28 दिसंबर तक
इस मतभेद (Difference) के कारण कई अभिभावक प्रशासनिक समन्वय (Administrative Coordination) पर सवाल उठा रहे हैं। कुछ लोग पूछ रहे हैं कि क्या 29 से 31 दिसंबर के बीच स्कूल खुलेंगे या डीएम के आदेश को मानकर छुट्टियाँ जारी रहेंगी।
शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन के लिए यह स्थिति चुनौतीपूर्ण है। कई स्कूलों ने कहा है कि वे स्थिति स्पष्ट होने तक सुरक्षा और बच्चों की भलाई को प्राथमिकता देंगे।
अभिभावकों की चिंता और प्रशासन की भूमिका
अभिभावक (Parents) और छात्र (Students) मौसम के बिगड़ते हालात और स्कूलों के खुलने-बंध होने की असमंजस (Confusion) को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है कि बच्चों की सुरक्षा (Child Safety) किसी भी शैक्षणिक गतिविधि से ऊपर होनी चाहिए।
विशेषज्ञों (Experts) का कहना है कि इस तरह की स्थिति में सुरक्षा और प्रशासनिक आदेशों के स्पष्ट समन्वय की आवश्यकता होती है। बच्चों की भलाई के लिए अंतिम निर्णय (Final Decision) का जल्द से जल्द निर्देश जारी होना जरूरी है।

















