
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने चेक से पेमेंट करने वाले ग्राहकों के लिए एक अहम अपडेट जारी किया है। रिजर्व बैंक ने देश में चेक क्लियरेंस की प्रक्रिया को तेज और डिजिटल बनाने वाले CCS (Continuous Clearing and Settlement) Framework के Phase 2 को फिलहाल रोकने का फैसला किया है।
फेज़ 2 के तहत चेक क्लियरेंस के समय को मात्र तीन घंटे में सीमित किया जाना था, लेकिन अब इसे अगले आदेश तक के लिए टाल दिया गया है। इसका असर आम ग्राहकों पर और बैंकों के ऑपरेशन पर कैसा होगा, आइए विस्तार से समझते हैं।
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RBI का नया प्लान: CCS Phase 2 क्या था?
RBI ने चेक क्लियरेंस सिस्टम को और अधिक फास्ट और डिजिटल बनाने के लिए CCS Framework की शुरुआत की थी। Phase 1 पहले ही लागू हो चुका है, जिसमें चेक ट्रंकेशन सिस्टम (CTS) के जरिए फिजिकल चेक मूवमेंट खत्म कर दी गई है।
Phase 2 में योजना थी कि जब किसी बैंक को चेक की डिजिटल इमेज मिलेगी, उसके पास केवल 3 घंटे का समय होगा उस चेक को एक्सेप्ट या रिजेक्ट करने के लिए। अगर बैंक इस समय में कोई जवाब नहीं देता, तो चेक ऑटोमैटिकली क्लियर माना जाता।
इस बदलाव का उद्देश्य था:
- चेक क्लियरेंस की प्रक्रिया को तेज करना
- बैंकिंग सिस्टम को मॉडर्न और डिजिटल बनाना
- ग्राहकों को चेक से पेमेंट में कम समय का इंतजार करवाना
Phase 2 को टालने का कारण
RBI ने 24 दिसंबर, 2025 को जारी सर्कुलर में CCS Phase 2 को लागू नहीं करने का निर्णय लिया। हालांकि, इस फैसले के पीछे कोई सार्वजनिक कारण स्पष्ट नहीं किया गया है।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि इसका मुख्य कारण है:
- बैंकों की तकनीकी तैयारी – सभी बैंकों में सिस्टम अपडेट और डिजिटल इंटीग्रेशन पूरा नहीं हुआ।
- ऑपरेशनल चुनौतियां – तीन घंटे की सख्त टाइमलाइन लागू करना अभी आसान नहीं।
- ग्राहक और बैंकिंग सिस्टम की सुगमता – बदलाव की प्रक्रिया को धीरे-धीरे लागू करना सुरक्षित रहेगा।
RBI ने स्पष्ट किया कि जब तक नई तारीख घोषित नहीं होती, Phase 1 पहले की तरह जारी रहेगा।
Phase 1: वर्तमान चेक क्लियरेंस प्रक्रिया
Phase 1 की शुरुआत इस साल की शुरुआत में हुई थी। इसके तहत:
- फिजिकल चेक मूवमेंट खत्म कर दी गई
- चेक की डिजिटल इमेज और इलेक्ट्रॉनिक डेटा के जरिए क्लियरेंस होती है
- बैंक अब दिन में तय बैच का इंतजार नहीं करते, जैसे ही चेक की डिजिटल इमेज क्लियरिंग हाउस को भेजी जाती है, ड्रॉई बैंक तुरंत निर्णय लेता है
- इलेक्ट्रॉनिक तरीके से Approve या Reject की सूचना दी जाती है
इस प्रक्रिया से चेक क्लियरेंस पहले की तुलना में काफी तेज हो गई है और ग्राहकों को ज्यादा सुविधा मिली है।
चेक प्रोसेसिंग टाइम में बदलाव
RBI ने चेक प्रोसेसिंग के कामकाजी घंटों को भी अपडेट किया है:
- चेक जमा करने की विंडो: सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक
- बैंक निर्णय समय: सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक
इससे ग्राहकों को समान दिन में चेक क्लियर होने की संभावना बढ़ जाती है।
Phase 2 टलने का असर आम लोगों पर
Phase 2 के टलने का मतलब है कि अभी चेक क्लियरेंस में तीन घंटे की सख्त समयसीमा लागू नहीं होगी।
इसका असर:
- चेक पास होने में थोड़ा समय लग सकता है
- लेकिन मौजूदा Phase 1 सिस्टम पहले से काफी तेज है
- ग्राहकों को बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा
इसलिए, फिलहाल RBI का मौजूदा सिस्टम सुरक्षित और तेज तरीके से काम कर रहा है।
विशेषज्ञों की राय
बैंकिंग विशेषज्ञों का कहना है कि CCS Phase 2 को टालना एक सुरक्षित निर्णय है। सिस्टम अपडेट और डिजिटल इंटीग्रेशन के बिना Phase 2 लागू करना ऑपरेशनल रिस्क बढ़ा सकता था।
इसके अलावा, इससे बैंकों को तकनीकी चुनौतियों को हल करने का समय मिलेगा और भविष्य में Phase 2 को सफलतापूर्वक लागू किया जा सकेगा।
भविष्य में क्या होगा?
RBI ने फिलहाल कोई नई तारीख घोषित नहीं की है। आम ग्राहकों और बैंकों को सलाह दी गई है कि:
- Phase 2 लागू होने तक Phase 1 के नियम अपनाए जाएं
- चेक जमा करते समय डिजिटल प्रक्रिया और सिस्टम अपडेट का ध्यान रखें
आगामी अपडेट में RBI नई तारीख और Phase 2 के संभावित बदलाव की जानकारी जारी कर सकता है।

















