
Bihar Bhumi Land Purchase Rule: बिहार में जमीन खरीदने की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। अब राज्य में जमीन खरीदने के लिए खरीदार को कई तरह के दस्तावेज जुटाने की जरूरत नहीं होगी। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग (Revenue and Land Reforms Department) के अनुसार, जमीन खरीद के लिए जमाबंदी रसीद (Jamabandi Receipt) ही पर्याप्त दस्तावेज मानी जाएगी।
इस संबंध में विभाग की ओर से आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर जानकारी साझा की गई है। पोस्ट में जमीन खरीदने से पहले किन बातों की जांच जरूरी है, इसे स्पष्ट रूप से बताया गया है, ताकि आम लोग किसी भी तरह की धोखाधड़ी से बच सकें।
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जमाबंदी रसीद ही होगी सबसे अहम दस्तावेज
विभाग के मुताबिक, बिहार में भूमि खरीद के दौरान अब केवल जमाबंदी रसीद को ही वैध आधार माना जाएगा। पहले जमीन खरीदने में खतियान, रसीद, नामांतरण से जुड़े कई कागजातों की मांग होती थी, जिससे आम लोगों को परेशानी होती थी।
अब सरकार का मानना है कि ऑनलाइन जमाबंदी (Online Jamabandi) व्यवस्था लागू होने के बाद जमीन से जुड़े रिकॉर्ड अधिक पारदर्शी हो गए हैं, इसलिए अतिरिक्त दस्तावेजों की आवश्यकता नहीं रह गई है।
जमीन खरीदने से पहले जरूर जांचें ये सवाल
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने जमीन खरीदने से पहले कुछ जरूरी सवालों की सूची भी जारी की है, जिनका जवाब “हां” में होना जरूरी है।
1. क्या जमीन विक्रेता की जमाबंदी ऑनलाइन है?
जमाबंदी की स्थिति जांचने के लिए खरीदार को Bihar Bhumi Portal पर जाना होगा। इसके लिए विभाग की आधिकारिक वेबसाइट
www.biharbhumi.bihar.gov.in
पर जाकर “जमाबंदी देखें” विकल्प पर क्लिक करना होगा।
2. क्या ऑनलाइन जमाबंदी में खरीदे जा रहे प्लॉट का विवरण दर्ज है?
यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि ऑनलाइन जमाबंदी में:
- खरीदा जा रहा खेसरा नंबर (Plot Number)
- जमीन का पूरा रकबा (Area)
सही तरीके से दर्ज हो।
3. क्या विक्रेता के नाम से ही जमाबंदी दर्ज है?
खरीदार को यह भी देखना होगा कि जमीन की जमाबंदी विक्रेता के स्वयं के नाम पर है या नहीं।
4. अगर जमीन संयुक्त है तो क्या सभी हिस्सेदारों की सहमति है?
यदि जमीन एक से अधिक लोगों के नाम पर दर्ज है, तो विक्रेता के पास सभी हिस्सेदारों की लिखित सहमति (Written Consent) होना अनिवार्य है।
डिजिटाइजेशन से बढ़ेगी पारदर्शिता
पटना जिले में चल रहे राजस्व महाभियान (Revenue Mahabhiyan) को और अधिक तेज व पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने एक और बड़ा निर्णय लिया है।
अब:
- डिजिटाइज्ड जमाबंदी में त्रुटि सुधार
- छूटी हुई जमाबंदी को ऑनलाइन दर्ज करना
- बंटवारा (Partition) और नामांतरण (Mutation) से जुड़े सभी आवेदन
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के पोर्टल पर ही अपलोड किए जाएंगे।
आवेदन में कमी होने पर मिलेगी सीधी सूचना
इस नई व्यवस्था के तहत जैसे ही कोई आवेदन पोर्टल पर अपलोड होगा, संबंधित दस्तावेजों की जांच की जाएगी। यदि कागजात में कोई कमी पाई जाती है, तो उसकी सूचना सीधे आवेदक (Applicant) को दी जाएगी।
इससे आवेदक समय रहते जरूरी दस्तावेज उपलब्ध करा सकेगा और प्रक्रिया में अनावश्यक देरी नहीं होगी।
31 दिसंबर तक स्कैनिंग पूरी करने का लक्ष्य
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बड़ा लक्ष्य तय किया है। विभाग के अनुसार:
- करीब 1.20 लाख आवेदनों (1.20 Lakh Applications) की
- 31 दिसंबर तक स्कैनिंग और अपलोडिंग हर हाल में पूरी की जाएगी।
इसको लेकर सभी अंचल अधिकारियों (Circle Officers) को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे उपलब्ध संसाधनों और मानवबल का बेहतर उपयोग करते हुए तय समय सीमा में काम पूरा करें।
पूरी तरह ऑनलाइन होगी आवेदन प्रक्रिया
सरकारी सूत्रों का मानना है कि तय समय सीमा में स्कैनिंग और अपलोडिंग का कार्य पूरा होने के बाद जमीन से जुड़े अधिकांश कार्य पूरी तरह ऑनलाइन (Fully Online Mode) हो जाएंगे। इससे न केवल आम जनता को सहूलियत मिलेगी, बल्कि भ्रष्टाचार और अनियमितताओं पर भी अंकुश लगेगा।
उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा लगातार अधिकारियों को जमीन से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे के निर्देश दे रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि भूमि रिकॉर्ड व्यवस्था को आधुनिक, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाया जाए।

















