
नया साल आने में अब गिनती के ही दिन बचे हैं और इसी के साथ केंद्रीय कर्मचारियों (Central Government Employees) और पेंशनर्स (Pensioners) की निगाहें 8वें वेतन आयोग – 8th Pay Commission पर टिकी हुई हैं। मौजूदा 7वां वेतन आयोग (7th Pay Commission) 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो रहा है और संभावना है कि नई वेतन संरचना 1 जनवरी 2026 से लागू हो सकती है।
इसी बीच कर्मचारियों की ओर से Fitment Factor को लेकर बड़ी मांग सामने आई है, जिसने सरकारी हलकों से लेकर कर्मचारी संगठनों तक नई बहस छेड़ दी है।
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क्या है कर्मचारियों की बड़ी मांग?
ऑल इंडिया एनपीएस इम्प्लॉई फेडरेशन (All India NPS Employees Federation) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मंजीत सिंह पटेल (Manjeet Singh Patel) ने स्पष्ट किया है कि कर्मचारी संगठन सरकार से 2.64 फिटमेंट फैक्टर (2.64 Fitment Factor) की मांग कर रहे हैं।
उनका कहना है कि यदि फिटमेंट फैक्टर इससे कम रखा गया, तो कर्मचारी इसे न्यायसंगत नहीं मानेंगे। महंगाई, जीवन-यापन की बढ़ती लागत और बीते वर्षों में वेतन संरचना पर पड़े दबाव को देखते हुए यह मांग पूरी तरह वाजिब है।
Fitment Factor क्या होता है? (What is Fitment Factor?)
फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) एक ऐसा गुणक (Multiplier) होता है, जिससे मौजूदा Basic Salary को गुणा करके नई बेसिक सैलरी तय की जाती है।
उदाहरण के तौर पर:
अगर किसी कर्मचारी की मौजूदा बेसिक सैलरी ₹18,000 है और फिटमेंट फैक्टर 2.64 तय होता है, तो—
₹18,000 × 2.64 = ₹47,520 (अनुमानित नई बेसिक सैलरी)
यानी सिर्फ बेसिक पे ही नहीं, बल्कि इससे जुड़े DA-Dearness Allowance, HRA-House Rent Allowance और पेंशन पर भी सीधा असर पड़ता है।
2.64 Fitment Factor से कितनी बढ़ेगी सैलरी?
अगर सरकार कर्मचारियों की मांग मान लेती है, तो लेवल-1 (चपरासी) से लेकर लेवल-18 (कैबिनेट सेक्रेटरी/IAS टॉप लेवल) तक सभी की बेसिक सैलरी में बड़ा उछाल देखने को मिलेगा।
18 लेवल की अनुमानित सैलरी कैलकुलेशन
| Pay Level | मौजूदा बेसिक पे | 2.64 फिटमेंट फैक्टर से नई बेसिक |
|---|---|---|
| Level 1 | ₹18,000 | ₹47,520 |
| Level 2 | ₹19,900 | ₹52,536 |
| Level 3 | ₹21,700 | ₹57,288 |
| Level 4 | ₹25,500 | ₹67,320 |
| Level 5 | ₹29,200 | ₹77,088 |
| Level 6 | ₹35,400 | ₹93,456 |
| Level 7 | ₹44,900 | ₹118,536 |
| Level 8 | ₹47,600 | ₹125,664 |
| Level 9 | ₹53,100 | ₹140,184 |
| Level 10 | ₹56,100 | ₹148,104 |
| Level 11 | ₹67,700 | ₹178,728 |
| Level 12 | ₹78,800 | ₹208,032 |
| Level 13 | ₹118,500 | ₹312,840 |
| Level 13A | ₹131,100 | ₹346,104 |
| Level 14 | ₹144,200 | ₹380,688 |
| Level 15 | ₹182,200 | ₹481,008 |
| Level 16 | ₹205,400 | ₹542,256 |
| Level 17 | ₹225,000 | ₹594,000 |
| Level 18 | ₹250,000 | ₹660,000 |
8th Pay Commission कब लागू होगा?
तकनीकी रूप से 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो रहा है। ऐसे में नई सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जा सकती हैं।
हालांकि, जानकारों का कहना है कि—
- आयोग के गठन
- रिपोर्ट तैयार होने
- और कैबिनेट से मंजूरी
इन सभी प्रक्रियाओं में 1.5 से 2 साल का समय लग सकता है। ऐसे में कर्मचारियों को Arrears (एरियर) मिलने की भी संभावना बनती है, जैसा पहले के वेतन आयोगों में देखा गया है।
Fitment Factor किन बातों पर निर्भर करता है?
सरकार फिटमेंट फैक्टर तय करते समय कई आर्थिक संकेतकों को ध्यान में रखती है, जैसे—
- महंगाई दर और जीवन-यापन लागत
- CPI और CPI-IW डेटा
- केंद्र सरकार की वित्तीय स्थिति और बजट घाटा
- कुल वेतन और पेंशन पर पड़ने वाला भार
- प्राइवेट सेक्टर सैलरी ट्रेंड (Private Sector Salary Benchmark)
- इंडस्ट्री सैलरी सर्वे, ठीक वैसे ही जैसे IPO-IPO या Renewable Energy-Renewable Energy सेक्टर में मार्केट ट्रेंड देखे जाते हैं
कर्मचारी संगठन का साफ संदेश
मंजीत सिंह पटेल का कहना है कि यदि सरकार वास्तव में कर्मचारियों के कल्याण को प्राथमिकता देती है, तो 2.64 या उससे अधिक फिटमेंट फैक्टर पर गंभीरता से विचार करना होगा। इससे न सिर्फ कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि पेंशनर्स को भी सम्मानजनक राहत मिलेगी।

















