
राशन कार्ड धारकों के लिए साल 2025 की शुरुआत बड़े बदलावों के साथ होने जा रही है। केंद्र और राज्य सरकारों के निर्देशानुसार, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत मिलने वाले अनाज के कोटे और वितरण नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं, नए नियमों के मुताबिक, अब लाभार्थियों को मिलने वाले गेहूं और चावल की मात्रा का गणित पूरी तरह बदल जाएगा।
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अब 2 किलो गेहूं और 3 किलो चावल का नया फॉर्मूला
नए साल यानी जनवरी 2025 से प्रति यूनिट मिलने वाले राशन का अनुपात तय कर दिया गया है, अब प्रत्येक यूनिट (प्रति व्यक्ति) पर कुल 5 किलो अनाज दिया जाएगा, जिसमें 2 किलो गेहूं और 3 किलो चावल शामिल होगा, सरकार का यह कदम क्षेत्रीय मांग और खाद्यान्न स्टॉक के प्रबंधन को ध्यान में रखकर उठाया गया है।
31 दिसंबर तक ई-केवाईसी (e-KYC) कराना अनिवार्य
राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए सरकार ने ई-केवाईसी (e-KYC) को अनिवार्य कर दिया है, विभाग ने सख्त चेतावनी जारी की है कि जिन राशन कार्ड धारकों ने 31 दिसंबर 2024 तक अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उनके नाम पात्रता सूची से हटा दिए जाएंगे। ऐसे उपभोक्ताओं को जनवरी 2025 से मुफ्त राशन का लाभ नहीं मिल सकेगा।
5 साल तक मिलता रहेगा मुफ्त राशन
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना’ (PMGKAY) की अवधि को अगले पांच वर्षों के लिए बढ़ा दिया है, इस योजना के तहत देश के करोड़ों गरीब परिवारों को मुफ्त अनाज की सुविधा मिलती रहेगी, इसके साथ ही, ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ योजना के माध्यम से लाभार्थी देश के किसी भी कोने में अपनी सुविधा अनुसार राशन प्राप्त कर सकते हैं।
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कैसे कराएं ई-केवाईसी?
यदि आपने अभी तक केवाईसी नहीं कराया है, तो आप अपने क्षेत्र की नजदीकी सरकारी राशन दुकान (FPS) पर जाकर अपना आधार कार्ड और बायोमेट्रिक (अंगूठे का निशान) सत्यापन करवा सकते हैं। इसके अलावा, लाभार्थी आधिकारिक NFSA पोर्टल या अपने राज्य के खाद्य पोर्टल पर जाकर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
सरकार के इस फैसले का उद्देश्य पात्र लोगों तक राशन पहुँचाना और फर्जी कार्ड धारकों पर लगाम लगाना है, उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे समय सीमा से पहले अपनी औपचारिकताएं पूरी कर लें ताकि नए साल में मिलने वाले लाभ में कोई बाधा न आए।

















