छोटे दुकानदारों को सरकार की बड़ी राहत! ₹10 लाख तक के लोन पर ₹1 लाख का सीधा फायदा, जानें कौन ले सकता है

हिमाचल सरकार ने छोटे दुकानदारों को बड़ी राहत दी! शहरों में 10 लाख तक के NPA लोन पर 1 लाख रुपये सरकार चुकाएगी। अप्रैल 2020-मार्च 2025 के बीच लोन लेने वाले, 10 लाख से कम टर्नओवर वाले दुकानदार योग्य। मोची, दर्जी, किराना वालों को फायदा। ULB में आवेदन करो, नई शुरुआत संभव!

Published On:
छोटे दुकानदारों को सरकार की बड़ी राहत! ₹10 लाख तक के लोन पर ₹1 लाख का सीधा फायदा, जानें कौन ले सकता है

हिमाचल के छोटे दुकानदारों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है भाई। सरकार ने अब शहरों में भी अपनी वो पॉपुलर योजना बढ़ा दी है, जिससे कर्ज के बोझ तले दबे छोटे व्यापारी उफ्फ कर सांस ले सकेंगे। चलो, इसे थोड़ा विस्तार से समझते हैं, जैसे घर बैठे किसी दोस्त को बता रहे हों।

योजना का नया विस्तार

देखो यार, पहले ये मुख्यमंत्री लघु दुकानदार कल्याण योजना सिर्फ गांवों तक सीमित थी, जो 2023 में शुरू हुई थी। अब 2025-26 के बजट में सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इसे शहरों में भी फैला दिया है। शहरी इलाकों के हजारों छोटे दुकानदार, जिनके बैंक लोन एनपीए यानी खराब खाते बन चुके हैं, उन्हें सीधे फायदा मिलेगा। सरकार खुद 10 लाख तक के लोन पर 1 लाख रुपये तक चुकाएगी, वो भी वन-टाइम सेटलमेंट के जरिए।

कौन लेगा लाभ?

सिर्फ वो छोटे व्यापारी जो सालाना 10 लाख से कम टर्नओवर वाले हैं और अप्रैल 2020 से 31 मार्च 2025 के बीच बिना गारंटी के बिजनेस लोन ले चुके हैं। अगर उनका खाता पेमेंट न कर पाने की वजह से एनपीए हो गया है, तो बिल्कुल फिट। मोची, दर्जी, मोबाइल रिपेयर वाले, चाय-ढाबा चलाने वाले, किराना स्टोर, फल-सब्जी रेहड़ी वाले, गैरेज मालिक या कोई भी छोटा दुकानदार – सबको ये राहत। लेकिन जानबूझकर डिफॉल्ट करने वाले या फ्रॉड वालों को बाहर ही रखा गया है। अगर बकाया 1 लाख से ज्यादा है, तो बाकी खुद देना पड़ेगा।

कैसे मिलेगी मदद?

बैंकों के जरिए एकमुश्त पैसा डालेगी सरकार, ताकि एनपीए क्लोज हो जाए और आगे की कानूनी परेशानी न हो। कुल लोन 10 लाख तक का होना चाहिए। ये सब पारदर्शी तरीके से होगा – कोई प्रोसेसिंग फीस या एडमिन चार्ज नहीं। बस, छोटे व्यापारियों को नई जिंदगी मिलेगी, बिजनेस दोबारा खड़ा कर सकेंगे। शहरी अर्थव्यवस्था को बल्कि मजबूत करेगी ये स्कीम।

आवेदन का आसान तरीका

चिंता मत करो, प्रोसेस सिंपल है। अपने शहर के शहरी स्थानीय निकाय (ULB) में जाओ, फॉर्म भरो। वो वेरिफाई करके बैंक को भेजेंगे। राज्य स्तर पर निगरानी समिति बनेगी, जिला और ULB स्तर पर भी कमिटियां होंगी। एक आईटी पोर्टल भी आएगा सब ट्रैक करने को। हिमाचल का परमानेंट रेसिडेंट होना जरूरी, उम्र 18 से ऊपर और परिवार में कोई रेगुलर सरकारी नौकरी न हो।

जरूरी कागजात

ये लिस्ट तैयार रखो भाई:

  • हिमाचल का निवास प्रमाण पत्र
  • आधार कार्ड और लिंक्ड मोबाइल नंबर
  • बैंक और लोन अकाउंट डिटेल्स
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • दुकान/रेहड़ी का लाइसेंस या बिजनेस प्रूफ
  • टर्नओवर प्रूफ – CA सर्टिफिकेट या ITR कॉपी (पिछले साल की), या अगर ITR न हो तो इनकम प्रूफ।

ये योजना छोटे दुकानदारों की पीड़ा समझती है यार। कोरोना के बाद कितने तो टूट चुके थे, अब सरकार ने हाथ थाम लिया। अगर तुम्हारा कोई जानने वाला फिट बैठता है, तो जल्दी अप्लाई करवा दो। इससे न सिर्फ उनका परिवार खुश होगा, बल्कि लोकल इकोनॉमी भी चमकेगी। कुल मिलाकर, हिमाचल सरकार का ये स्टेप काबिल-ए-तारीफ है – छोटे से छोटे व्यापारी को भूल नहीं रही। 

Author
Pinki

Leave a Comment

Related News

🔥 वायरल विडिओ देखें